राहुल गांधी की सदस्यता जाने के बाद शुक्रवार शाम कांग्रेस मुख्यालय में एक बैठक हुई। इस बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस मीटिंग के बारे में जानकारी देते हुए कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी ने मोदी सरकार डरी हुई है, इसलिए उसने राहुल गांधी को जानबूझकर निशाना बनाया गया है।
क्या चर्चा हुई
जयराम रमेश ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि इस बैठक में सभी नेता मौजूद थे, करीब 50 लोग मुख्यालय में थे और करीब उतने ही वीडियोकांफ्रेंसिंग से जुड़े थे। इस मीटिंग में इस मामले पर संगठन क्या कर सकता है, उसपर चर्चा हुई। इस दौरान जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी को जो सजा मिली है, उसे पीछे की क्रोनोलॉजी समझिए।
क्रोनोलॉजी समझिए
उन्होंने कहा- मैं गृहमंत्री का शब्द इस्तेमाल करना चाहता हूं, जरा क्रोनोलॉजी समझिए। फरवरी सात को राहुल गांधी का भाषण होता है लोकसभा में। 9 दिन बाद यानि कि 16 फरवरी को जो शिकायतकर्ता हैं, जिन्होंने भाषण को लेकर शिकायत की थी, मानहानि का केस दर्ज करवाया था।उन्होंने ही गुजरात हाईकोर्ट में स्टे लिया था, वो स्टे वो वापस ले लेते हैं। कानूनी इतिहास की ये अजीब दास्तां है। उन्होंने ही स्टे लिया और उन्होंने ही राहुल गांधी के अडानी वाले भाषण के बाद उसे वापस ले लिया। 27 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई शुरू हो जाती है। 17 मार्च को फैसला रिजर्व हो जाता है और 23 मार्च को फैसला आ जाता है। क्रोनोलॉजी समझिए।"
जनआंदोलन की तैयारी
इस मामले को लेकर कांग्रेस अब जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश भर में यह मुद्दा लेकर जाएगी कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता जानबूझकर खत्म की गई है। इसके तीन प्रमुख कारण हैं
- राहुल गांधी ने मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई
- भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से BJP घबराई हुई है
- राहुल गांधी अडानी घोटाले पर बोल रहे हैं
