मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन के ठीक दो दिन बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार को कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बिना नाम लिए कॉजपा पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में "खटमल फिर से चारों तरफ दिखाई देने लगे हैं", इसलिए आम जनता को सतर्क और एकजुट रहने की जरूरत है।
यह पूरा मामला तब गरमाया जब 2 अक्टूबर को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में कॉजपा के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया था। कॉजपा का आरोप था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी।
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सीएम ने अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह में लिया हिस्सा
इसी प्रदर्शन के जवाब में कोलकाता में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने अपनी बात रखी। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि उनकी सरकार पश्चिम बंगाल की धरती पर किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधि को पनपने नहीं देगी।
'देशविरोधी ताकतों को पहचानकर समाज से पूरी तरह जड़ से उखाड़ा होगा'
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय का भी जिक्र किया। एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर 'आजादी' के नारे लगाए जाने के विरोध में "राष्ट्रवादी युवाओं" ने मोर्चा खोला था। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ऐसी देशविरोधी ताकतों को पहचानकर समाज से पूरी तरह जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। उनके इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
