पंजाब कांग्रेस में पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर के निलंबन को लेकर सियासत तेज हो गई है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी रविवार को जलालपुर से मिलने पहुंचे और उनके निलंबन पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने वरिष्ठ और जुझारू नेताओं को साथ लेकर चलना चाहिए।
चन्नी ने कहा कि उन्होंने जलालपुर को जारी किया गया निलंबन नोटिस देखा है। उनके अनुसार, कांग्रेस के संविधान के तहत प्रशासनिक समिति के चेयरमैन के पास किसी AICC, PCC सदस्य या पूर्व विधायक को सीधे निलंबित करने का अधिकार नहीं है। समिति केवल अपनी सिफारिश प्रदेश अध्यक्ष को भेज सकती है, जबकि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान के स्तर पर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि मदन लाल जलालपुर AICC और PCC दोनों के सदस्य हैं, इसलिए उनके मामले में पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
'वरिष्ठ नेताओं को जोड़कर रखना होगा'
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भी कई वरिष्ठ नेताओं को नोटिस दिए गए या निलंबित किया गया है, लेकिन कांग्रेस को ऐसे नेताओं से दूरी बनाने के बजाय उन्हें साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जलालपुर लंबे समय से पार्टी के लिए काम करते रहे हैं और चुनावों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। चन्नी ने जलालपुर को कांग्रेस की "संपत्ति" बताते हुए कहा कि ऐसे नेताओं का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उन्हें नाराज किया जाए।
हाईकमान से करेंगे बात
चन्नी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पार्टी हाईकमान से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को "गुलदस्ता" बनकर सभी नेताओं को साथ लेकर चलना चाहिए।
'मेरा मकसद सिर्फ एकता बनाए रखना'
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी नेता के खिलाफ बोलना नहीं है, बल्कि पार्टी में एकता बनाए रखना है। चन्नी ने कहा कि पंजाब की परंपरा रही है कि संकट के समय साथ खड़ा हुआ जाता है और इसी भावना से वह जलालपुर से मिलने पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में आंतरिक मतभेदों के कारण जनता के असली मुद्दे पीछे छूट रहे हैं। सभी नेताओं को एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करना चाहिए ताकि कोई नेता पार्टी छोड़ने या आपसी विवाद की स्थिति में न पहुंचे।
चन्नी ने अपने समर्थन में लगे नारों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका कोई व्यक्तिगत आग्रह नहीं है। पार्टी हाईकमान जिस तरह संगठन चलाएगा, वह उसी का पालन करेंगे। उनका उद्देश्य केवल कांग्रेस परिवार को एकजुट रखना है।
