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'नोटबंदी' पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब किया दाखिल, कही ये 'अहम बात'

  • Authored by: गौरव श्रीवास्तव
  • Updated Nov 17, 2022, 11:32 AM IST

Central government on demonetisation: साल 2016 में हुई नोटबंदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है।

नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। 2016 में 500 और 1000 के नोट को वापस लेने के फैसले का बचाव करते हुए केंद्र ने कहा है कि ये जाली नोट, टेरर फंडिंग, काले धन और टैक्स चोरी के खतरे से निपटने के लिए बड़ी बड़ी आर्थिक रणनीति का हिस्सा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के पहले बड़े फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा गया है, इसे आसान बिंदुओं से समझते हैं:

1. यह सरकार का एक वित्तीय फैसला था और RBI अधिनियम 1934 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसार सरकार ने फैसला किया था।

2. 2011 की जनगणना के मुताबिक देश में कुल कामगार आबादी 481 मिलियन है। इसमें से अनुमानित 400 मिलियन असंगठित क्षेत्र में काम करती है। इस सेक्टर के लोग पूरी तरह से नकदी पर आश्रित थे। ऐसे में नीतिगत निर्णय के तहत भारत में संगठित या औपचारिक सेक्टर, डिजिटल पेमेंट और गांव गांव तक बैंकिंग सेक्टर सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिहाज ये फैसला लिया गया

3. आतंकी फंडिग, नकली नोट, कालाधन और टैक्स की चोरी की समस्या बड़े पैमाने पर थी। आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड ने इन वजहों के चलते केंद्र सरकार से 500 और हजार रुपये का नोट बंद करने की सिफारिश की थी।

4. नोटबंदी एक अचानक से लिया गया निर्णय नहीं था, बल्कि एक-एक कदम बढ़ाया गया। आरबीआई ने इसको लागू करने को लेकर बकायदा एक योजना बनाई थी।

5. लोगों को हुई तकलीफों पर केंद्र सरकार ने कहा है कि कई तरह के इंतजाम किए गए। डिजिटल पेमेंट को भी बढ़ावा दिया गया। जहां 2016 में साल भर 6952 करोड़ रुपए की डिजिटल पेमेंट हुआ जो बढ़कर 2022में सिर्फ अक्टूबर के महीने में 12 लाख करोड़ हो गया।

6. नकली करेंसी, टेरर फंडिंग और कालाधन को रोकने के लिए नोटबंदी जैसा बड़ा फैसला लिया गया।

7. नोटबंदी का देश के आर्थिक विकास पर जो भी प्रभाव पड़ा वो क्षणिक था। जहां 2016-17 में 8.2 फीसदी तो 2017-18 के वित्तीय वर्ष में 6.8 प्रतिशत विकास दर थी। जो उस दशक के औसत विकास दर 6.6 फीसदी से ज्यादा ही था।

सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की संविधान पीठ ने केंद्र सरकार और RBI से नोटबंदी से फैसले पर जवाब मांगा था। पीठ ने केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक से 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के फैसले पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने करने के आदेश दिए थे। इस मामले पर 24 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है।

गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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