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'लोकतंत्र के हत्यारों के साथ गठबंधन बना रहे...' बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कांग्रेस के साथ RJD के संबंधों पर उठाए सवाल

Bihar Assembly Elections: सम्राट चौधरी ने आपातकाल लागू होने की 50वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर भी सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि पूरा देश समझ रहा है कि लोकतंत्र को नष्ट करने के लिए कौन जिम्मेदार था। इसलिए उन्होंने उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए कदम उठाए।

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सम्राट चौधरी ने कांग्रेस और आरजेडी के संबंधों पर उठाए सवाल

Photo : ANI

Samvidhan Hatya Diwas: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपातकाल लागू होने की 50वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा और उस पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया तथा इसके सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर जिम्मेदार लोगों का पक्ष लेने के लिए सवाल उठाया। चौधरी ने 1975 में कांग्रेस नीत सरकार के तहत लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इस देश के लोगों ने देखा कि किसने लोकतंत्र की हत्या की। पूरा देश समझ रहा है कि लोकतंत्र को नष्ट करने के लिए कौन जिम्मेदार था। इसलिए उन्होंने उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए कदम उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए और राजद को भी बताना चाहिए कि वे लोकतंत्र के हत्यारे के साथ कैसे गठबंधन कर रहे हैं। जयप्रकाश नारायण के मार्गदर्शन में राजनीति शुरू करने वाले लालू यादव अब कांग्रेस के हाथों में खेल रहे हैं। चौधरी की टिप्पणी तब आई जब भाजपा ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया।

कांग्रेस लोकतंत्र की विचारधारा वाली पार्टी नहीं: केशव प्रसाद मौर्य

इस बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस पार्टी की आलोचना की और उस पर 2024 के लोकसभा चुनावों में संविधान के खतरे में होने का झूठा दावा करके मतदाताओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। मौर्य ने कहा कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाने का काम किया। देश की जनता कांग्रेस पार्टी के खिलाफ है। कांग्रेस लोकतंत्र की विचारधारा वाली पार्टी नहीं है। कांग्रेस एक परिवारवादी पार्टी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो किया है वह यह है कि 2024 के लोकसभा में उन्होंने यह कह कर जनता को गुमराह किया कि संविधान खतरे में है और वोट ले लिए, लेकिन जब जनता को सच्चाई समझ में आई तो उसने हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली विधानसभा में भाजपा की झोली भारी मतों से भर दी और कांग्रेस को उसकी जगह दिखा दी। 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच भारत को संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल की स्थिति में रखा गया था। 25 जून 1975 को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने आंतरिक अशांति के खतरे का हवाला देते हुए अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल की घोषणा जारी की थी। यह भारत के इतिहास में तीसरा आपातकाल था, लेकिन शांति काल में घोषित पहला आपातकाल था। इससे पहले चीन (1962) और पाकिस्तान (1971) के साथ युद्ध के दौरान आपातकाल की घोषणा की गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ का इस्तेमाल बेरोजगारी, मुद्रास्फीति और नोटबंदी जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए करने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा कि मोदी सरकार इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाकर अपनी विफलताओं और बार-बार झूठ बोलने को छिपाने की कोशिश कर रही है और इतिहास के उस अध्याय पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो दशकों पहले समाप्त हो चुका है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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