West Bengal: विधानसभा अध्यक्ष ने शुभेंदु अधिकारी समेत बीजेपी के 7 विधायकों का निलंबन लिया वापस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 16, 2022, 03:26 PM IST

West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा में 28 मार्च को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के विधायक भिड़ गए थे, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने पांच विधायकों को निलंबित कर दिया था। इससे पहले सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान बीजेपी के दो विधायकों को उनके आचरण के चलते निलंबित कर दिया गया था।

West Bengal: विधानसभा अध्यक्ष ने शुभेंदु अधिकारी समेत बीजेपी के 7 विधायकों का निलंबन लिया वापस

West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष ने गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत भारतीय जनता पार्टी के सात विधायकों का निलंबन वापस ले लिया। विधानसभा में 28 मार्च को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के विधायक भिड़ गए थे, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने पांच विधायकों को निलंबित कर दिया था। इससे पहले सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान बीजेपी के दो विधायकों को उनके आचरण के चलते निलंबित कर दिया गया था।

नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत बीजेपी के 7 विधायकों का निलंबन वापस

निलंबन पर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा था कि वे कोई नया प्रस्ताव जमा नहीं करेंगे और इसकी जगह इस मुद्दे पर अदालत के निर्देश का इंतजार करेंगे। वहीं मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय ने कहा था कि उन्हें बीजेपी के सात विधायकों के निलंबन को रद्द करने के लिए पार्टी की ओर से कोई नया प्रस्ताव नहीं मिला है, क्योंकि पार्टी द्वारा सौंपे गए पिछले प्रस्ताव में कुछ ‘‘तकनीकी खामियां’’ थीं।

विधानसभा अध्यक्ष ने किया था निलंबित

बंदोपाध्याय ने ये टिप्पणी तब की थी, जब बीजेपी विधायकों ने उन्हें पार्टी के सात सहयोगियों के निलंबन का हवाला दिया और शुरुआती कार्यवाही के दौरान इसे रद्द करने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मैंने आपकी पार्टी की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में कुछ तकनीकी खामियां बताई थीं। मैंने आपके निलंबित सहयोगियों से इसे ठीक करने और इसे नए सिरे से जमा करने का अनुरोध किया था। मुझे अभी तक कोई नया प्रस्ताव नहीं मिला है। निलंबित विधायकों के अदालत जाने की खबरों का हवाला देते हुए बंदोपाध्याय ने कहा कि एक स्वतंत्र देश में कोई भी किसी भी एजेंसी से संपर्क कर सकता है।

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