TMC Symbol Row: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न 'जोड़ा फूल' को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े राष्ट्रीय सियासी संग्राम का रूप ले चुका है। चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों पर असली नाम और प्रतीक चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर 'सरकार चोरी' और 'पार्टी चोरी' करने का गंभीर आरोप लगाया।
राहुल गांधी के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तुरंत और कड़ा पलटवार किया है। नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी (Sudhanshu Trivedi) ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी पर आरोप मढ़ने से पहले राहुल गांधी को अपनी खुद की पार्टी के इतिहास के पन्ने पलटने चाहिए। सुधांशु त्रिवेदी ने पुराने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस जब सत्ता में थी, तब उसने मनमाने ढंग से समर्थन वापस लेकर एच. डी. देवगौड़ा, चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर और आई. के. गुजराल जैसे बड़े नेताओं की सरकारों को गिरा दिया था।
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बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर कसा तंज
बीजेपी प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी को अपनी पार्टी का इतिहास ही मालूम नहीं है, तो वह लोकसभा में विपक्ष के नेता पद के तो दूर, अपनी पार्टी के नेता बने रहने के योग्य भी नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी देश की अकेली ऐसी पार्टी है जो आज तक कभी बड़े विभाजन से नहीं गुजरी। इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब निर्वाचन आयोग ने आगामी बंगाल विधानसभा उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए ममता बनर्जी और अरूप रॉय के प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए पुराने चिह्न के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक लगा दी।
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से पार्टी का नाम और सिंबल छीना
आयोग ने दोनों पक्षों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम के साथ 'फुटबॉल खिलाड़ी' चिह्न मिला है, जबकि अरूप रॉय गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' के रूप में 'लिफाफा' चुनाव चिह्न दिया गया है। इसी कार्रवाई के विरोध में राहुल गांधी ने इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर हमला बताया था, जिस पर अब जोरदार जुबानी जंग जारी है।
