TMC Symbol Row: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा। साथ ही, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए आज काला दिन है।
ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय पर आया जब एक दिन पहले चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज किया। इसके अलावा, नंदीग्राम से ममता बनर्जी के उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
ममता ने कांग्रेस को दिया समर्थन
नंदीग्राम से ममता बनर्जी के उम्मीदवार के पीछे हटने के बाद चुनाव में भाजपा को बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन उसके पहले ही ममता बनर्जी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया। ऐसे में मुकाबला एक बार फिर द्विपक्षीय हो सकता है।
राहुल गांधी ने ममता बनर्जी से की बात
ममता बनर्जी ने बताया कि राहुल गांधी ने बीते दिनों उनसे बात की। हम सरेंडर नहीं करेंगे। हम हमारे एलायंस पार्टनर्स को समर्थन देंगे, लेकिन भाजपा को समर्थन नहीं देंगे। उन्होंने कहा, ''मैं बंगाल की जानता से माफ़ी मांगती हूं, आप लोगों से समर्थन मांगती हूं, हम वापस आएंगे। यह लोग (बंगाल सरकार) योगी राज से भी भयंकर रूप दिखा रहे हैं। इंदिरा गांधी का चुनाव चिह्न भी तीन बार बदला गया था। भाजपा कुछ ही दिनों में जाने वाली हैं।''
'हमसे हमारा चुनाव चिह्न छीन लिया'
इस दौरान, ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को भी घेरते हुए कई सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि जो 4,000 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (EVM) जल गए थे अब तक उस पर कोई जांच क्यों नहीं हुई? क्या कहीं से ईवीएम को कंट्रोल किया गया था।
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उन्होंने आगे कहा कि 29 साल का हमारा पार्टी चिह्न हमसे छीन लिया गया। हमसे हमारा नाम छीन लिया, बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिया गया। यह पूरा चुनाव धांधली था... ऐसा अत्याचार तो अफ्रीकन देशों में भी नहीं होता। मैं अफ्रीकन कंट्रीज की इज्जत करती हूं। हमको हाउस अरेस्ट करके रखा गया हैं।
उन्होंने कहा, ''मैं 4-5 बार केंद्रीय मंत्री रही हूं, फिर भी मुझे बाहर जाने नहीं दिया जा रहा। मैं तो आम आदमी हूं, लेकिन मेरे अधिकारों का हनन हो रहा है।''
सनद रहे कि चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी के नाम और 'दो पत्ती' चुनाव चिह्न का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया। आयोग ने दोनों गुटों से शुक्रवार सुबह तक अपनी पसंद के नाम और चुनाव चिह्न सौंपने के लिए भी कहा था।
