माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई जारी, लखनऊ में 3 करोड़ की अवैध संपत्ति होगी जब्त

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 21, 2021, 09:50 AM IST

Mukhtar Ansari property: माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई जारी है। अब लखनऊ में उसकी तीन करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त होगी।

माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई जारी, लखनऊ में 3 करोड़ की अवैध संपत्ति होगी जब्त

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की पुलिस ने अपराधियों के विरूद्ध अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत IS 191 इंटर स्टेट गैंग के लीडर मुख्तार अंसारी की लखनऊ में अपराध से अर्जित 1 करोड़, 44 लाख, 84 हजार की संपत्ति कुर्क की जाएगी। 194 वर्ग मीटर की अवैध संपत्ति वर्तमान में इसकी कीमत तीन करोड़ से अधिक की है। यह प्रापर्टी गैंगेस्टर एक्ट 14A के तहत कुर्क की जाएगी। लखनऊ के हुसैनगंज विधान सभा मार्ग पर माफिया ने अवैध कमाई से संपत्ति अर्जित की। वर्ष 2007 में माफिया ने करोड़ो की जमीन को औने-पौने दामों में रजिस्ट्री कराया था। 

जिले में 2014 में माफिया मुख्तार अंसारी के विरूद्ध आजमगढ़ जिले के तरवां थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें मुख्तार समेत 11 लोगों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले की विवेचना प्रशांत श्रीवास्तव कर रहे, इसी रिपोर्ट पर माफिया के विरूद्ध यह कार्रवाई की जा रही है।

मामले में पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि मुख्तार की संपत्ति कुर्क करने के लिए आजमगढ़ की पुलिस व विवेचक भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही भविष्य में लगातार अपराधियों के विरूद्ध 14A गैंगस्टर एक्ट के विरूद्ध अभियान चलता रहेगा और संपत्ति जब्त की जाती रहेगी। विवेचना से पता चला कि बहुत सी संपत्ति ऐसी है जो अपराध से अर्जित की गई।

बता दें कि  2014 में आजमगढ़ जिले के तरवां थाना क्षेत्र के एराखुर्द में सड़क निर्माण के दौरान हुई गोलीबारी के मामले में बाहुबली मुख्तार अंसारी सहित 11 लोग आरोपी हैं। इस घटना में एक मजदूर की मौत हो गई थी। इस मामले में मुख्तार अंसारी के ऊपर षडयंत्र रचने का आरोप लगा था। मुख्तार के साथ इस मामले में राजेन्द्र पासी, श्याम बाबू पासी, हरिकेश यादव, राजेश सिंह, मोहन पासी, राजन पासी, अभिलेष मिश्र, पंकज यादव, उमेश सिंह और अनुज कनौजिया शामिल थे। आजमगढ़ पुलिस अनुज कनौजिया के घर की भी कुर्की कर चुकी है। 

End of Article