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मुजफ्फरनगर to स्पीति: दोस्तों का एक ताना और E-Rickshaw से स्पीति पहुंच गया युवक!

मुजफ्फरनगर के ई-रिक्शा ड्राइवर सुमित कुमार प्रजापति ने अपने ई-रिक्शा से स्पीति घाटी तक सफर किया। उनकी 12500 फीट ऊंचाई और कुंजुम तक की यात्रा के वीडियो वायरल हो रहे हैं।

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ई-रिक्शा से स्पीति पहुंचा मुजफ्फरनगर का ई-रिक्शा वाला

'निरहुआ रिक्शावाला' इस नाम से भोजपुरी में एक फिल्म काफी चर्चा में रही है। फिर इसके सिक्वल भी बने हैं। लेकिन आज चर्चा एक अनोखे रिक्शेवाले की हो रही है, जो रिक्शा लेकर स्पीति पहुंच गया। बात सिर्फ इतनी थी कि दोस्तों ने स्पीति जाने की योजना बनाई। इसी दौरान दोस्तों के बीच प्रश्न उठा कि सुमित के पास तो कार है ही नहीं, वह स्पीति कैसे जाएगा। बस फिर क्या था, सुमित ने इसका जवाब अपना ई-रिक्शा लेकर दिया। सुमित ने अपना ई-रिक्शा लिया और पहुंच गए हिमालय की वादियों में बसे स्पीति तक।

सुमित आमतौर पर उत्तर प्रदेश में मुजफ्फनगर की सड़कों पर अपने ई-रिक्शा में सवारियां ढोते हैं। उन्हें अपने उसी रिक्शे के साथ हिमाचल प्रदेश की ऊंची पहाड़ियों में देखने वाला हर कोई हैरान है। सुमित कुमार प्रजापति नाम के इस शख्स ने स्पीति घाटी तक का न सिर्फ सफर किया, बल्कि अपनी पूरी कहानी को सोशल मीडिया पर भी बताया। मुजफ्फरनगर से स्पीति तक सुमित ने कुल 27 वीडियो शेयर किए। पहाड़ी रास्ते, चार्जिंग के इंतजाम, स्थानीय लोगों और रास्ते में मिले यात्रियों की प्रतिक्रिया भी सुमित ने अपने वीडियोज में दिखाए हैं।

ऐसे शुरू हुआ सुमित का सफर

सुमित प्रजापति ने 15 अगस्त से अपनी इस यात्रा के संबंध में सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू किया। उनके Instagram अपडेट्स के मुताबिक, शुरुआत में वह दोस्तों के साथ मनाली पहुंचे। इस दौरान उनका ई-रिक्शा अलग से एक ट्रक के जरिए मनाली भेजा गया। इसके बाद 19 अगस्त को सुमित ने मनाली से स्पीति घाटी की ओर ई-रिक्शा से सफर शुरू किया। यहां उन्होंने बताया गया कि उनके दोस्तों का कार से स्पीति जाने का प्रोग्राम था। इसी दौरान यह प्रश्न उठा कि सुमित के पास कार नहीं है तो वह कैसे जाएंगे। सुमित ने इसका जवाब अपना ई-रिक्शा लेकर दिया। यहीं से शुरू हुई सुमित की वह यात्रा, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

कतई आसान नहीं पहाड़ों में ई-रिक्शा चलाना

शहरों में छोटी दूरी के लिए इस्तेमाल होने वाले ई-रिक्शा को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में ले जाना अपने आप में अलग स्तर की चुनौती थी। रास्ते में चढ़ाई, खराब और पथरीले हिस्से के साथ ही चार्जिंग की चिंता भी लगातार बनी रही थी। अपने वीडियो में सुमित प्रजापति कई जगह होटलों और अन्य उपलब्ध जगहों पर अपने ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करते दिखाई दिए। आपात स्थिति के लिए उन्होंने अपने साथ एक जेनरेटर रखने की बात भी कही। उन्होंने एक साथ लंबी दूरी तय नहीं की, बल्कि छोटे-छोटे चरणों में आगे बढ़ते गए। रास्ते में रुके, आराम किया और ई-रिक्शा को भी चार्ज किया।

अकेले शुरू हुआ सफर, फिर सवाली भी बिठाई

सुमित का स्पीति के लिए सफर अकेले ही शुरू हुआ। हालांकि, बाद में एक सोशल मीडिया यूजर ने उन्हें मुजफ्फरनगर के सामान्य दिनों की तरह ई-रिक्शा में पहाड़ों में भी सवारी बिठाने का सुझाव दिया। सुमित ने अगले ही दिन इस सुझाव पर अमल किया और रास्ते में यात्रियों को बैठाकर आगे बढ़ने लगे।

12500 फीट की ऊंचाई पर ई-रिक्शा

जैसे-जैसे सुमित का ई-रिक्शा ऊंचाई वाली जगहों पर पहुंचा, रास्ते में लोगों की उत्सुकता भी बढ़ती चली गई। सुमित के वीडियो में लगभग 12500 फीट की ऊंचाई पर पथरीले रास्ते से गुजरता ई-रिक्शा भी दिखाई देता है। इस दौरान कई लोग उनके ई-रिक्शा को देखकर ठिठक गए और मोबाइल से उसका वीडियो बनाने लगे।

रास्ते में कुछ लोगों ने सुमित से ये भी पूछा कि आखिर यह किस तरह का ई-रिक्शा है जो ऐसे ऑफ-रोड रास्तों पर चल रहा है। आम तौर पर इन इलाकों में बाइक, एसयूवी और फोर-व्हील ड्राइव वाहनों की ही ज्यादा आवाजाही दिखाई देती है। ऐसे में इतनी ऊंचाई पर तीन पहियों वाला ई-वहिकल लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया।

26 अगस्त को पहुंचे कुंजुम!

सुमित के सोशल मीडिया अपडेट के अनुसार, वह 26 अगस्त को ई-रिक्शा से कुंजुम पास पहुंचे। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया गया कि वह ई-रिक्शा से कुंजुम पास पहुंचने वाले पहले व्यक्ति हैं। एक सितंबर को सुमित ने एक वीडियो में बताया कि शहर की जिंदगी से कुछ समय दूर रहकर पहाड़ों में समय बिताना चाहते थे। उनके पास कार नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपने पास मौजूद ई-रिक्शा को ही सफर का साधन बना लिया।

Spiti में भी लोग हैरान रह गए

स्पीति पहुंचने के बाद भी सुमित का ई-रिक्शा लोगों की दिलचस्पी का केंद्र बना रहा। रास्ते में मिलने वाले स्थानीय लोग और दूसरे यात्री उनसे वाहन की क्षमता, अब तक तय की गई दूरी और चार्जिंग के बारे में प्रश्न करते नजर आए। हालांकि, सुमित अपनी पूरी यात्रा के दौरान अपने अनुभवों को लगातार शेयर करते रहे।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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