नागालैंड कैबिनेट का फैसला- पूर्वोत्तर से AFSPA को निरस्त करे सरकार, भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सशस्त्र बलों की अत्यधिकता अच्छी नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 7, 2021, 05:28 PM IST

नागालैंड में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत के बाद राज्य से AFSPA हटाने की मांग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि भारत सरकार पूरे पूर्वोत्तर से अफस्पा को निरस्त करे।

नागालैंड कैबिनेट का फैसला- पूर्वोत्तर से AFSPA को निरस्त करे सरकार, भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सशस्त्र बलों की अत्यधिकता अच्छी नहीं
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: नागालैंड के मोन जिले में सशस्त्र बलों की गोलीबारी में नागरिकों की मौत पर मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा है कि लोगों ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर बहुत जोरदार विरोध जताया है। आज की राज्य कैबिनेट की बैठक में हमने भारत सरकार से न केवल नागालैंड में बल्कि पूर्वोत्तर (पूरी तरह से) में AFSPA को निरस्त करने के लिए कहने का फैसला किया है। अफस्पा के माध्यम से सशस्त्र बलों द्वारा की गई अत्यधिकता भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में लोगों के साथ अच्छी नहीं होती है। यह अच्छी बात है कि उन्होंने (केंद्र) ने टिप के माध्यम से गलत निर्णय लेने की बात स्वीकार की है। उम्मीद है कि न्याय होगा।

सोमवार को रियो ने कहा कि केंद्र के लिए सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम को रद्द करने का समय आ गया है। हम सरकार से पूरे देश से अफस्पा को निरस्त करने के लिए कह रहे हैं। यह एक कठोर कानून है। उग्रवाद से निपटने के लिए बहुत सारे एक्ट हैं। भारत एक महान लोकतांत्रिक राष्ट्र है, लेकिन अधिनियम और इसका दुरुपयोग देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है।  

उन्होंने कहा कि अफस्पा फोर्स को प्रतिरोधक क्षमता देता है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस कानून पर बहस हो रही है। हम सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और बहुत सारे लोग अफस्पा को हटाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, केंद्र हर साल नागालैंड में अधिनियम को यह कहते हुए बढ़ा देता है कि यहां दिक्कत है। सभी सशस्त्र समूह संघर्ष विराम का पालन कर रहे हैं और शांति वार्ता का हिस्सा हैं। तो, अफस्पा का विस्तार क्यों? यह अधिनियम उग्रवाद के लिए लगाया गया था लेकिन अब उग्रवाद कहां है? 

इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागालैंड में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत की घटना पर खेद प्रकट करते हुए सोमवार को कहा कि इसकी विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है तथा सभी एजेंसियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में ऐसे किसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो। उन्होंने कहा कि भारत सरकार नगालैंड की घटना पर अत्यंत खेद प्रकट करती है और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताती है। 

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