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DUSU Election 2026 : दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में 40.46% वोटिंग, NSUI-ABVP के बीच कांटे की टक्कर; कल आएगा रिजल्ट

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में 40.46 फीसदी मतदान हुआ। वोटों की गिनती शनिवार सुबह 8 बजे से होगी। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों के लिए ABVP, NSUI और AISA-SFI गठबंधन के बीच मुकाबला है।

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दिल्ली विधानसभा चुनाव (फोटो-Twitter)

दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में शुक्रवार को 40.46 प्रतिशत वोटिंग रिकॉर्ड की गई। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत चार केंद्रीय पदों के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और AISA-SFI गठबंधन के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। पिछले साल दिल्ली विश्वविद्यालय के संबद्ध अधिकतर कॉलेजों में हुए छात्रसंघ चुनाव में 39.45 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। इस बार मतदान प्रतिशत में मामूली बढ़ोतरी हुई है। DUSU चुनाव के वोटों की गिनती शनिवार सुबह 8 बजे शुरू होगी। न

कई कॉलेजों में ABVP का प्रदर्शन

हालांकि, इस बार दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों में हुए छात्रसंघ चुनावों में ABVP ने कई पदों पर जीत दर्ज की। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में ABVP ने सभी प्रमुख पदों पर जीत हासिल की। संगठन ने अध्यक्ष और सचिव के साथ दोनों काउंसलर पद भी अपने नाम किए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध ABVP ने दावा किया कि कॉलेज चुनावों में उसने कई जगह क्लीन स्वीप किया है। संगठन ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रयासों के बावजूद DUSU के चारों केंद्रीय पदों पर जीत हासिल करने का भरोसा जताया।

छात्रों के बीच ये मुद्दे रहे अहम

DUSU चुनाव के दौरान छात्रों के बीच महंगे PG किराए, किफायती आवास की कमी, काम नहीं कर रहे हॉस्टल और आने-जाने के खर्च जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। दिल्ली के सत्य निकेतन में हाल में एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद सुरक्षा को लेकर भी छात्रों की चिंताएं सामने आईं।

DUSU चुनाव से कुछ महीने पहले जंतर-मंतर पर हुए Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन का भी छात्रों के बीच चर्चा में असर देखने को मिला। छात्रों ने कहा कि इस बार वे छात्र संगठनों के एजेंडे, उनके मुद्दों और उनकी राजनीति को लेकर पहले की तुलना में ज्यादा गंभीरता से विचार कर रहे हैं। एक छात्र ने कहा कि CJP का सीधे तौर पर उल्लेख भले ही नहीं हुआ, लेकिन उससे जुड़े मुद्दे कई चर्चाओं का हिस्सा रहे। छात्रों के बीच यह बात भी हुई कि वे केवल इसलिए किसी संगठन को वोट न दें क्योंकि वह लंबे समय से कैंपस में प्रभावशाली रहा है।

सुबह की शिफ्ट वाले कॉलेजों में मतदान सुबह 8:30 बजे शुरू हुआ और दोपहर 3 बजे तक चला। वहीं, शाम की शिफ्ट वाले कॉलेजों में मतदान शाम 7:30 बजे तक हुआ। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए कॉलेजों के बाहर बैरिकेडिंग की और छात्रों की तलाशी ली। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, नॉर्थ और साउथ कैंपस में 2,000 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए।

हाई कोर्ट ने विजय जुलूस पर लगाई रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को DUSU चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस पर पूरी तरह रोक लगा दी। कोर्ट ने छात्र संगठनों और उम्मीदवारों से यह भी पूछा कि चुनावी नियमों के उल्लंघन के लिए उन पर चुनावी हर्जाना क्यों न लगाया जाए। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने यह निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि DUSU चुनावों के दौरान लिंगदोह समिति की सिफारिशों का बार-बार और खुले तौर पर उल्लंघन किया गया।

पिछले चुनाव में ABVP ने जीते थे तीन पद

DUSU के चार केंद्रीय पदों—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—के लिए ABVP, NSUI और AISA-SFI गठबंधन के बीच मुकाबला हुआ। पिछले साल ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और महासचिव के तीन पद जीते थे, जबकि NSUI को केवल उपाध्यक्ष पद पर जीत मिली थी। मतदान के दौरान ABVP ने आरोप लगाया कि NSUI का एक कार्यकर्ता मतदान से कुछ समय पहले गलत ABVP पैनल नंबर बांटते हुए पकड़ा गया। वहीं, NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया कि संगठन के एक पूर्व राष्ट्रीय सचिव को पुलिस ने बिना किसी वजह के हिरासत में लिया।

छात्रों की प्रमुख मांगें

छात्रों ने किफायती और सुरक्षित आवास के साथ कॉलेज हॉस्टल को दोबारा शुरू करने, सस्ती भोजन व्यवस्था, परिवहन की सुविधा, मेट्रो किराए में रियायत और विश्वविद्यालय प्रशासन को अधिक सुलभ बनाने की मांग की। मोतीलाल नेहरू कॉलेज के प्रथम वर्ष के बीकॉम छात्र हर्ष पांडे ने कहा कि छात्रों के लिए आवास सबसे बड़ी चिंता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में किराए बहुत ज्यादा हैं और जिन कॉलेजों में हॉस्टल हैं, उनमें से कुछ ठीक से काम नहीं कर रहे या बंद हैं। ऐसे हॉस्टलों को दोबारा शुरू किया जाना चाहिए।

हंसराज कॉलेज के बीए हिंदी ऑनर्स के दूसरे वर्ष के एक छात्र ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों के लिए अधिक सुलभ और सहयोगी होना चाहिए। अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को यहां की व्यवस्था समझने में समय लगता है और मेडिकल लीव जैसे मामलों में भी उन्हें कागजी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। मुख्य चुनाव अधिकारी राज किशोर शर्मा ने बताया कि मतदान के दौरान 12 कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे। किसी भी तकनीकी खराबी से निपटने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ भी उपलब्ध रहेंगे। वोटों की गिनती शनिवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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