Russia Ukraine war: MEA बोला- जरूरत पड़ी तो भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए वायुसेना की भी लेंगे मदद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 28, 2022, 06:24 PM IST

Ukraine Crisis Today Latest Updates: देश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमारे पास मोल्दोवा के माध्यम से एक नया मार्ग है, यह अब शुरू हो गया है। हमारी टीम आपकी सहायता करेगी। हमारी टीमें रोमानिया के माध्यम से भारतीयों को निकालने में सहायता करेंगी।

Russia Ukraine war: MEA बोला- जरूरत पड़ी तो भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए वायुसेना की भी लेंगे मदद

Russia Ukraine Crisis News: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच भारतीयों को स्वदेश लाने का काम जारी है। इस बीच ऑपरेशन गंगा के तहत आज एक विमान दिल्ली में लैंड हुआ जिसमें 240 नागरिक सवार थे। विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन से भारतीयों को वापस लाने के ऑपरेशन पर जानकारी देते हुए बताया कि मोल्दोवा के माध्यम से एक नया मार्ग है, जो अब शुरू हो चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा हमारी टीम वहां भारतीयों की सहायता करेगी और वे रोमानिया के रास्ते भारतीयों को निकालने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय को यूक्रेन से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अगर ज़रुरत पड़ेगी तो हम भारतीय वायुसेना की भी मदद लेंगे।

विदेश मंत्रालय की अपील

अरदिंम बागची ने बताया, 'हम भारतीयों से पश्चिम यूक्रेन जाने का अनुरोध करते हैं लेकिन सीधे सीमा पर न पहुंचें क्योंकि वहां भीड़ है, इसमें समय लगेगा। पास के शहरों में जाओ, वहाँ ठिकाना खोजो। हम वहां व्यवस्था कर रहे हैं, हमारी टीम आपकी मदद करेगी। घबराएं नहीं, हमारे पास पर्याप्त उड़ानें हैं। अब तक, लगभग 1400 भारतीय नागरिकों को लेकर छह उड़ानें आ चुकी हैं। चार उड़ानें बुखारेस्ट (रोमानिया) से और दो उड़ानें बुडापेस्ट (हंगरी) से आ चुकी हैं।'

इन जगहों पर भेजे गए केंद्रीय मंत्री

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों को कहां भेजा गया है। उन्होंने कहा, 'यूक्रेन की सीमा से लगे 4 देशों में विशेष दूत तैनात करने का निर्णय लिया गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया जाएंगे, किरेन रिजिजू स्लोवाक गणराज्य, हरदीप पुरी हंगरी और जनरल वीके सिंह पोलैंड जाएंगे जो समन्वय और निकासी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। लोगों को निकालने का प्रयास जारी है। जमीन पर स्थिति जटिल और मुश्किल भरी बनी हुई है, उनमें से कुछ काफी चिंताजनक हैं, लेकिन हम अपनी निकासी प्रक्रिया में तेजी लाने में सक्षम हैं। हमारे द्वारा एडवाइजरी जारी किए जाने के बाद से लगभग 8000 भारतीय नागरिक यूक्रेन छोड़ चुके हैं, संघर्ष शुरू होने के बाद से नहीं।'

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!