'कांग्रेस को हिंदुओं से इतनी नफरत क्यों?' हार्दिक पटेल ने कहा- एक नेता ने कहा कि राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 24, 2022, 07:00 PM IST

हार्दिक पटेल ने गुजरात कांग्रेस नेता भरत सोलंकी के एक बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है और उसे हिंदू विरोधी कहा है। पटेल ने ट्वीट किया कि गुजरात कांग्रेस के नेता ने बयान दिया की राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं..!

'कांग्रेस को हिंदुओं से इतनी नफरत क्यों?' हार्दिक पटेल ने कहा- एक नेता ने कहा कि राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं

हाल ही में कांग्रेस छोड़ने वाले हार्दिक पटेल ने अपनी पुरानी पार्टी पर निशाना साधा है और उसे हिंदू विरोधी कहा है। हार्दिक ने गुजरात कांग्रेस के नेता भरत सोलंकी के एक बयान को लेकर हमला किया है। उन्होंने ट्वीट किया कि मैंने पहले भी कहा था की कांग्रेस पार्टी जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम करती है, हमेशा हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती हैं। आज पूर्व केंद्रीय मंत्री और गुजरात कांग्रेस के नेता ने बयान दिया की राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं..! मैं कांग्रेस और उसके नेताओं से पूछना चाहता हूं की आपको भगवान श्री राम से क्या दुश्मनी हैं? हिंदुओ से क्यों इतनी नफरत? सदियों बाद अयोध्या में भगवान श्री राम का मंदिर भी बन रहा है फिर भी कांग्रेस के नेता भगवान श्री राम के खिलाफ अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं। 

भरत सोलंकी ने बयान दिया कि भारतीय जनता पार्टी भगवान के नाम का, राम के नाम का इस्तेमाल राजनीति में करती आई है। हम सबने देखा है कि भूतकाल में रामशिला की बात करके और रामशिला को देश की जनता ने अयोध्या भेजा और वहां पर राम का मंदिर बने इसलिए इस देश की जनता जनार्दन और मां और बहनों ने उस रामशिला को कुमकुम तिलक करके, सिर पर रखकर, आरती उतारकर उसे गांव की शुरुआत पर रख दिया और सोचा कि राम का मंदिर होगा तो यह सिलाएं अयोध्या जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वहां पर उन्हीं शीला के ऊपर कुत्ते पेशाब करते नजर आए।

हार्दिक पटेल ने कहा कि जब मैंने कांग्रेस छोड़ी तो मैंने लिखा था कि कांग्रेस केवल लोगों की भावनाओं के खिलाफ काम करती है। यह भरतसिंह सोलंकी (कांग्रेस गुजरात प्रमुख) की टिप्पणियों में परिलक्षित होता है। कांग्रेस हिंदुओं के खिलाफ टिप्पणी कर रही है। यह साबित करता है कि वे आस्था के खिलाफ काम करते हैं।

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