EXCLUSIVE: Birbhum हिंसा पर बड़ा खुलासा, हैरान करने वाला था पुलिस का रवैया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 26, 2022, 02:52 PM IST

Birbhum Violence: बीरभूम हिंसा पर बड़ा खुलासा हुआ है। .गांव में आगजनी के बीच डर से घटनास्थल पर नहीं पहुंचे पाए थे एसपी बीरभूम। हिंसा पर जांच की EXCLUSIVE रिपोर्ट TIMES NOW नवभारत के पास है, देखिए-

EXCLUSIVE: Birbhum हिंसा पर बड़ा खुलासा, हैरान करने वाला था पुलिस का रवैया

Birbhum Violence Updates: बीरभूम हिंसा पर बड़ा खुलासा हुआ है। ममता बनर्जी की पुलिस को लेकर जो जानकारी TIMES NOW नवभारत के हाथ लगी है वो खुलासा देख कर आप हैरान रहे जाएंगे। जब बीरभूम में नरसंहार हो रहा था उस समय बीरभूम पुलिस का रवैया हैरान करने वाला था।आज आपको उस हिंसा की पूरी TIME LINE बताने जा रहे हैं। घटना स्थल पर धारदार हथियार भी मिले हैं जिससे साफ है कि आग लगाने से पहले लोगों को बुरी तरह मारा भी गया औऱ फिर आग लगाकर जिंदा जला दिया गया।

बड़ा खुलासा

सोमवार रात-8 .25 बजे TMC नेता की हत्या हुई थी और सोमवार रात सवा 9 बजे पुलिस एक्शन में आई। रात 9.30 बजे TMC समर्थकों का गुस्सा भड़का और रात 10 बजे के बाद बड़े पुलिस अफसर गांव पहुंचे लेकिन थोड़ी ही देर में गांव से बाहर निकल गए। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि SP बीरभूम रात 12 बजे के बाद पुलिस स्टेशन पहुंचे और घटना के 4 घंटे बाद गेस्ट हाउस में पुलिस की बैठक हुई। पुलिस अफसरों की यह बैठक 2 घंटे तक बैठक चलती रही।

बीरभूम हिंसा की टाइमलाइन

  1. सोमवार रात 8.25 बजे TMC नेता की हत्या
  2. सोमवार रात 9.15 बजे  पुलिस का सर्च ऑपरेशन
  3. सोमवार रात 9.30 बजे  TMC समर्थकों का गुस्सा भड़का
  4. सोमवार रात 9.30 बजे घरों में आग लगाई
  5. सोमवार रात 10 बजे SDPO और फायर ब्रिगेड की टीम गांव पहुंची 
  6. सोमवार रात 10 .20 बजे आगजनी के दौरान SDPO गांव छोड़कर निकले, ASP गांव में नहीं पहुंचे
  7. मंगलवार रात 12.30 बजे बीरभूम के SP पुलिस स्टेशन पहुंचे। SP अधिकारियों के साथ बैठक करने गेस्ट हाउस चले गए
  8. मंगलवार सुबह  3 बजे एसपी बैठक में लगे रहे, लेकिन गांव नहीं पहुंचे

सीबीआई ने शुरू की जांच

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) का एक दल शनिवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई गांव पहुंचा और उस हिंसक घटना की जांच शुरू की जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी। अज्ञात लोगों ने 21 मार्च को गांव में 10 घरों में आग लगा दी थी जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई थी। लगभग 20 सदस्यों वाली सीबीआई की टीम उस घर के भीतर गई जहां जलकर खाक हुए सात लोगों के शव बरामद हुए थे।

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