दिग्गी बोले- सावरकर ने किताब में लिखा है गोमांस खाने में कोई बुराई नहीं, हिंदू का हिंदुत्व से कोई संबंध नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 25, 2021, 07:12 PM IST

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर ऐसा दावा किया है जिसे लेकर बहस होना तय है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कई हिंदू ऐसे हैं जो गोमांस खाते हैं। इसके लिए उन्होंने सावरकर का भी जिक्र किया।

दिग्गी बोले- सावरकर ने किताब में लिखा है गोमांस खाने में कोई बुराई नहीं, हिंदू का हिंदुत्व से कोई संबंध नहीं

भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है जिससे विवाद होना तय है। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह ने सावरकर के जरिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ पर निशाना साधा। कांग्रेस के जनजागरण अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि  सावरकरकी किताब में लिखा है हिन्दू धर्म का हिंदुत्व में कोई संबंध नहीं है, कोई नाता नहीं है।

क्या कहा दिग्विजय सिंह ने

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिग्वजिय सिंह ने कहा, 'यहां ऐसे भी हिंदू हैं जो गोमांस खाते हैं और कहां लिखा है कि गोमांस नहीं खाया जाए। अधिकांश हिंदू जो है गोहत्या के खिलाफ हैं। स्वयं सावरकर, सावरकर जी के बारे में कहा जाता है भाजपा में, उनकी खुद की किताब में उन्होंने लिखा है कि हिंदू धर्म का हिंदुत्व के साथ कोई संबंध नहीं है, खुद उन्होंने लिखा है। उनकी किताब में साफ लिखा है कि हिंदू धर्म का हिंदुत्व से कोई नाता नहीं है।'

गाय कैसे माता हो सकती है, ये भी सावरकर ने कहा- दिग्गी

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा, 'सावरकर ने ये भी लिखा है कि गाय ऐसा पशु है जो खुद के बल पर लोड लेता है वो कहां से हमारी माता हो सकती है और उसका गोमांस खाना कहां से खराबी हो सकती है, ये सावरकर जी ने खुद कहा है जो आजकल भाजपा और संघ के खास विचारक हैं। ये मालूम है कि नहीं, जिनको मालूम है हाथ उठाओ, सबको मालूम नहीं था मतलब। मेरी बात सुनने के बाद कितने को मालूम हुआ? यानि सभी को मालूम हुआ। ये बात कहोगे भाजपा नेताओं से।'

इस दौरान दिग्वजिय सिंह ने कहा कि हमारी लड़ाई आरएसएस की विचारधारा से है जो पूरे देश को बांटने में लगी हुई है।  दिग्विजय सिंह के इस बयान पर बीजेपी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका काम दिन रात हिंदुओं को बदनाम करना है जिसमें वह लगे रहते हैं। 

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!