Covid-19 third wave: क्‍या टलेगा यूपी चुनाव? हाई कोर्ट ने सरकार, चुनाव आयोग से की ये अपील

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 23, 2021, 10:35 PM IST

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन और महामारी की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार और चुनाव आयोग से रैलियों और जनसभाओं पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।

Covid-19 third wave: क्‍या टलेगा यूपी चुनाव? हाई कोर्ट ने सरकार, चुनाव आयोग से की ये अपील
Photo Credit: BCCL

प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आ रही है। हाईकोर्ट के जज ने देश के प्रधानमंत्री व चुनाव आयुक्त से यूपी चुनाव को टालने का अनुरोध किया है। जज ने कोविड-19 की तीसरी लहर का हवाला देते हुए यूपी विधानसभा चुनाव टालने का अनुरोध किया है। जज ने कहा कि प्रधानमंत्री व चुनाव आयुक्त प्रदेश में चुनावी रैलियों व सभाओं पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाएं।

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज शेखर कुमार यादव ने एक जमानत याचिका मंजूर करते हुए टिप्‍पणी की कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर लोगों को विशेष तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही उन्‍होंने सरकार व चुनाव आयोग से अपील की कि कोविड-19 की तीसरी लहर और इसके नए वैरिएंट ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए फिलहाल यूपी में विधानसभा चुनाव टाल दिए जाएं और रैलियों व जनसभाओं पर रोक लगाई जाए।

हाई कोर्ट के ज‍ज की यह टिप्‍पण्‍साी ऐसे समय में आई है, जबकि देश व विदेशों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रान का असर बढ़ता जा रहा है। देशभर में अब तक ओमिक्रोन के 236 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक 65 मामले महाराष्‍ट्र में सामने आए हैं। इसके बाद दिल्ली में ओमिक्रोन के 64, तेलंगाना में 24, राजस्थान में 21, कर्नाटक में 19 और केरल में 15 मामले दर्ज किए गए हैं।

ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक उच्‍च स्‍तरीय बैठक भी बुलाई, जिसमें तैयारियों का जायजा लिया गया। इन सबके बीच यूपी चुनाव टालने को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज की अपील आई है, जिसमें कहा गया है कि कोविड-19 की तीसरी लहर से जनता को बचाने के लिए राजनीति पार्टियों द्वारा भीड़ एकत्र कर चुनावी रैलियों पर रोक लगाई जाए और उनसे कहा जाए कि वे टीवी व समाचार पत्रों के माध्यम से चुनाव प्रचार करें। जज ने प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि वह चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है।

End of Article