Manoj Jha Thakur Remark: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता मनोज झा के ठाकुर वाले बयान पर बिहार की सियासत गरमा गई है। मनोज झा पर भाजपा तो हमलावर है ही, वह अपनी पार्टी और जेडी-यू नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। झा पर सबसे बड़ा हमला पूर्व सांसद एवं बाहूबली नेता आनंद मोहन ने बोला है। आनंद मोहन राजद सुप्रीमो लालू यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं। आनंद मोहन ने कहा कि क्षत्रिय डरने वाले और झुकने वाले नहीं हैं। देश की आजादी में उनके पुरखों ने अपना बलिदान दिया है।
'ठाकुर का कुआं' कविता पर घिरे मनोज झा
बता दें कि 'ठाकुर का कुआं' कविता पर मनोज झा बुरी तरह घिर गए हैं। उन्होंने यह कविता राज्यसभा में पढ़ी थी। जेडीयू नेता संजय सिंह ने कहा है कि वह ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी राजद नेता झा पर सवाल उठाए हैं। महिला आरक्षण बिल पर राज्यसभा में बोलते हुए झा ने ओमप्रकाश वाल्मीकि की कविता 'ठाकुर का कुआं' पढ़ी। इसमें उन्होंने ठाकुरों का जिक्र किया।
क्षत्रिय झुकते-डरते नहीं-आनंद मोहन
आनंद मोहन ने कहा, 'देश की आजादी के लिए हमारे पुरखों ने कुर्बानियां दी हैं। वाजिब सवाल पर हम आपके साथ खड़े हो सकते हैं तो हम अपने समाज के लिए भी खड़े हो सकते हैं। मैं 16 सालों तक जेल में रहा लेकिन झुका नहीं।' पूर्व सांसद के बेटे चेतन आनंद ने भी मनोज झा पर हमला बोला है। यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी उनके बेटे पर कार्रवाई कर सकती है तो बाहूबली नेता ने कहा कि मुश्किलों को आसान बनाने वाले का नाम क्षत्रिय है। कोई मुगालते में न रहे कि हम बंधुआ मजदूर हो सकते हैं।
ललन सिंह ने झा का बचाव किया
चेतन आनंद ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि हम ठाकुर हैं साहब किसी एक जाति को निशाना बनाना सही नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हम अपने ऊपर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने मनोज झा का बचाव किया है। ललन सिंह ने कहा कि राजद सांसद के बयान को गलत ढंग से परोसा गया है, जिस बयान पर विवाद है वो मनोज झा का बयान नहीं है। उनका उद्देश्य किसी समाज को ठेस पहुंचाना नहीं था।
