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इंदौर के लॉ कॉलेज में पढ़ाया जा रहा है नफरत का पाठ, किताब में हिंदुओं और हिंदू संगठनों को बताया गया आतंकवादी

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Dec 3, 2022, 06:54 AM IST

कहते हैं ना कि धुआं वहीं से उठता है जहां आग लगती है।भले ही कॉलेज प्रशासन एबीवीपी के आरोपों को पूरी तरह नकार रहा हो मगर जिस तरह 5 दिनों के लिए 6 टीचर्स को छुट्टी पर भेजा गया है वो वो बताता है कि मामला गंभीर है तभी ऐसी नौबत आई है। हालांकि फिलहाल हर किसी को जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है ।

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लॉ कॉलेज में नारेबाजी करते हुए छात्र

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बड़ी खबर, कॉलेज में पढ़ाई जा रही किताब को लेकर बवाल
  • लॉ कॉलेज में पढ़ाई जा रही है 2019 में बैन हुई किताब
  • शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय के 6 टीचर्स पर लव जिहाद फैलाने के गंभीर आरोप

Madhya Pradesh News: कानून की क्लास में ही अगर गैर-कानूनी चैप्टर पढ़ाए जाने लगें या फिर Teacher पर लव जिहाद और कट्टरता जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, तो फिर हंगामा तो बरपेगा ही। यही हुआ है मध्य प्रदेश के Indore में लॉ कॉलेज में एक नहीं, बल्कि 6 प्रोफेसर धार्मिक उन्माद और लव जिहाद (Love Jihad) के संगीन आरोपों में घिर गए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे से कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मचा है। शिक्षकों पर धार्मिक कट्टरता, लव जिहाद को बढ़ावा देने, मुस्लिम शासकों का गुणगान और सेना का अपमान करने का आरोप लगा है जिसे लेकर इंदौर का शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय विवादों में घिर गया है।

शिक्षकों पर गंभीर आरोप

सवाल कॉलेज के टीचर्स पर हैं। आरोप इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने का है और मुद्दा क्लासरूम में इस्लामिक लेक्चर देने का है इसलिए एबीवीपी कार्यकर्ता प्रिंसिपल को घेरकर संग्राम छेड़ रहे हैं। हंगामा करने वालों का दावा है कि इस कॉलेज के टीचर पाठ्यक्रम से इतर इस्लाम को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। छात्रों का टीचरों पर आरोप है कि वे महान पुरुषों की बात करते हैं तो हमारे भारत के इतिहास में चंगेज खान को क्यों महान बता रहे हो, हिंदू राजाओं की बुराई करते हैं और भारतीय महापुरुषों के बारे में नकारात्मक छवि स्थापित करते हैं तथा मुगलों का गुणगान करते हैं।

इसे लेकर कॉलेज कैंपस में नारेबाजी हुई । 4 घंटे तक हंगामा हुआ, इसके बाद भी छात्र और एबीवीपी कार्यकर्ता टस से मस नहीं हुए तो प्रिंसिपल ने जांच के आदेश दे दिए। अब सवाल है कि जिस कॉलेज में कानून की बारीकियां पढ़ाई जाती हैं, वहां किस गैर-कानूनी हरकत पर इतना बवाल छिड़ा? क्यों ऐसी नौबत आई कि एक रिटायर्ड जज से टीचर्स पर जांच बिठा दी गई। तो इसके लिए हमने एबीवीपी कार्यकर्ताओं से सवाल किए।

पांचों शिक्षकों को छुट्टी पर भेजा गया

एबीवीपी कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस कॉलेज में करीब 30 टीचर्स हैं, जिसमें से 6 ने...या तो इतिहास को अपने हिसाब से पढ़ाया या फिर लव जिहाद को बढ़ावा दिया या फिर उनका सारा फोकस धार्मिक कट्टरता को बढ़ाने पर रहता है। इनके नाम प्रो. अमीक खोखर, डॉ. मिर्जा मोजिज बेग, डॉ. फिरोज अहमद मीर, प्रो. सुहैल अहमद वाणी, प्रो. मिलिंद कुमार गौतम और डॉ. पूर्णिमा बीसे हैं। कॉलेज प्रिंसिपल ने इन सभी को अगले 5 के दिन छुट्टी पर भेज दिया। साथ ही आश्वासन दिया कि अगर दोषी पाए गए तो इनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। हालांकि छात्रों को जबरन नमाज के लिए ले जाने वाले आरोप से प्रिंसिपल इत्तेफाक नहीं रखते।

कॉलेज के दामन पर दाग ना लगे इसके लिए प्रिंसिपल ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं की शिकायत को संज्ञान में ले लिया । मगर विवाद सिर्फ यहीं खत्म सीमित नहीं है, एक शिक्षक की तो ये शिकायत की गई है वो लव जिहाद को बढ़ावा दे रहे हैं। शिक्षक पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर ऐसे कमेंट करते हैं जो छात्र और शिक्षक की मर्यादा को तार-तार करने वाले हैं।

कश्मीर और 370 को लेकर विवादित बातें

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल के सामने एक टीचर का नाम भी लिया और उनके खिलाफ आरोप लगाया कि वो छात्राओं को अकेले में पब या कैफे में मिलने का दबाव बनाते हैं। ऐसा करके वो लव जिहाद को बढ़ावा दे रहे हैं। इन आरोपों पर प्रिंसिपल ने चुप्पी साध ली । मगर कुछ छात्राओं ने जब ABVP कार्यकर्ताओं के आरोपों पर हामी भरी तो कॉलेज प्रिंसिपल को बैकफुट पर आना पड़ा। छात्र जिस किताब को लेकर बवाल मचा रहे हैं । वो हमारी टीम को इसी कॉलेज के लाइब्रेरी से मिली। इस किताब में ऐसी ऐसी बातें लिखी हैं । जो छात्रों की समझ से परे हैं। इसी किताब में धारा 370 को लेकर भी अनर्गल बातें कही गई ।हमने इन किताब के कंट्रोवर्शियल कंटेंट को लेकर प्रिंसिपल से सवाल किए तो उन्होंने पहले चुप्पी साध ली बाद में ये कहकर पल्ला झाड़़ने लगे कि इसमें उनकी गलती नहीं, बल्कि पब्लिशर की है।

किशोर जोशी
किशोर जोशीauthor

राजनीति में विशेष दिलचस्पी रखने वाले किशोर जोशी को और खेल के साथ-साथ संगीत से भी विशेष लगाव है। यह टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल में नेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं। किशोर के पास डिजिटल मीडिया का 10 सालों का अनुभव है।

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