प्रीता वर्मा भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 1991 बैच की बिहार कैडर की सीनियर अधिकारी हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से ही पुलिस व्यवस्था को सशक्त बनाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने लंबे और बेदाग प्रशासनिक सफर के दौरान उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों में कई शीर्ष पदों की जिम्मेदारियां संभाली हैं।
तीन दशक के अपने करियर के दौरान प्रीता वर्मा ने पुलिस महकमे के कई अहम विभागों का नेतृत्व किया है। वे वर्तमान में प्रभारी डायरेक्टर जनरल के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD), नागरिक सुरक्षा, फायर सर्विसेज और राज्य के कई संवेदनशील जिलों में सीनियर पुलिस कप्तान (SSP/SP) के रूप में अपनी प्रशासनिक क्षमताओं का प्रदर्शन कर चुकी है।
आईपीएस प्रीता वर्मा के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है राष्ट्रीय पुलिस मेडल। जी हां, यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें पुलिस सेवा में उत्कृष्ट, सराहनीय और बेदाग रिकॉर्ड के लिए प्रदान किया गया था। अपराध नियंत्रण, विभाग में आधुनिक बदलाव लाने और संकट की स्थितियों में उनके कुशल नेतृत्व के आधार पर उन्हें राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया था।
डीजी (प्रशिक्षण) के रूप में तैनात प्रीता वर्मा ने बिहार पुलिस में सिपाही से लेकर डीएसपी स्तर के अधिकारियों के ट्रेनिंग मॉड्यूल में व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने आधुनिक तकनीक, साइबर क्राइम की जांच, फॉरेंसिक साइंस और मानवाधिकार-संवेदनशील पुलिसिंग को प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
सीनियरिटी में टॉप पर होने के कारण जब भी राज्य में नए डीजीपी के चयन की प्रक्रिया चल रही होती है या नियमित डीजीपी किसी कारणवश उपलब्ध नहीं होते, तब गृह विभाग द्वारा उनका कार्यभार प्रीता वर्मा को उनकी प्रशासनिक क्षमता पर भरोसा करते हुए सौंपा जाता है।
बिहार जैसे राज्य में पुलिस सेवा के सर्वोच्च पद का प्रभार संभालने से प्रीता वर्मा देश की महिलाओं और युवा बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आईपीएस प्रीता वर्मा की सफलता दर्शाती है कि योग्यता, दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर किसी भी ऊंचे मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
आईपीएस प्रीता वर्मा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में बिहार पुलिस विभाग ने कानून-व्यवस्था को बेहतर करने, महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने और पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में काम किया है।