Vivek Tiwari Murder Case verdict: लखनऊ में बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में जिला जज कोर्ट की ओर से एक बड़ा फैसला सामने आया है। अदालत ने मुख्य आरोपी और पूर्व पुलिस सिपाही प्रशांत चौधरी (Prashant Chaudhary convicted) को गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है। वहीं, मामले में नामजद दूसरे सिपाही संदीप कुमार को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। दोषी ठहराए गए प्रशांत चौधरी को कितनी सजा दी जाएगी, इसका फैसला कोर्ट 21 सितंबर को सुनाएगी।
हालांकि, सालों से इंसाफ की आस लगाए बैठे विवेक तिवारी के परिवार के लिए यह फैसला किसी बड़े झटके से कम नहीं है। विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने अदालत के इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है और इसे पूरी तरह अन्यायपूर्ण करार दिया है।
'फैसला बेहद निराशाजनक, ऊपरी अदालत में करेंगे अपील'
फैसले के बाद अपना दर्द बयां करते हुए कल्पना तिवारी ने कहा कि वे सुबह से ही कोर्ट के फैसले पर आंखें टिकाए बैठी थीं, उन्हें उम्मीद थी कि आज उनके साथ पूरा न्याय होगा। लेकिन जो फैसला आया है, वह उनके और उनके परिवार के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी और इंसाफ की लड़ाई जारी रखेंगी।
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सिपाही संदीप के बरी होने पर उठाए सवाल
दूसरे आरोपी संदीप कुमार को बरी किए जाने पर भी कल्पना ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वारदात के समय दोनों सिपाही मौके पर एक साथ मौजूद थे और उनके पति की गोली मारकर हत्या की गई थी, ऐसे में दोनों की जवाबदेही और गलती बराबर की बनती है। फिर एक को बरी कैसे किया जा सकता है?
कल्पना ने भारी मन से सवाल उठाया कि प्रशांत चौधरी एक ट्रेंड पुलिसकर्मी था, ऐसे में उससे बंदूक चलाने या गोली मारने में कोई 'गलती' कैसे हो सकती है? उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "न्याय की उम्मीद में इतने साल कट गए, लेकिन आज आए इस फैसले के बाद मैं घर जाकर अपने मासूम बच्चों को क्या जवाब दूंगी?"
