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पंजाब में पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने में आई 30% कमी, सीएम भगवंत मान के प्रयास हुए फलीभूत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 12, 2022, 12:38 AM IST

मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रयासों की वजह से पंजाब में पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने के मामलों में करीब 30 प्रतिशत कमी आई है। पराली जलाने को रोकने के लिए इस नेक कार्य के लिए योगदान देने वाले किसानों का सम्मानित किया जाएगा।

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

Photo : Twitter

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के प्रयासों के स्वरूप पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने के मामलों में करीब 30 प्रतिशत कमी आई है। पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजूआ ने कृषि, विज्ञान और तकनीक, पर्यावरण, पेडा के अधिकारियों और डिप्टी कमिश्नर के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए किसानों को पराली ना जलाने के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने और प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को पराली जलाने को रोकने के लिए इस नेक कार्य के लिए योगदान देने वाले किसानों का सम्मान करने के लिए भी कहा।

बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नरों ने बताया कि सैटेलाईट सिस्टम द्वारा हर आग की घटना को दिखाया जाता है जबकि वास्तव में राज्य में इस बार बड़े स्तर पर पराली की बेलिंग की गई है और जिस जगह पर बेलिंग के बाद तटबंधों के नजदीक आग लगाई गई उसे भी सैटेलाईट सिस्टम ने आग का पूरा आंकड़ा पेश कर दिया है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कृषि विभाग को हिदायतें जारी की कि 30 नवंबर तक सब्सिडी पर दी गईं मशीनों के पैसे लोगों के खातों में भेजे जाने सुनिश्चित बनाए जाएँ। इसके साथ ही मुख्य सचिव विजय कुमार जंजूआ ने कृषि विभाग को हिदायतें जारी की कि पराली की संभाल के लिए ब्लॉक स्तर पर जरूरत के अनुसार मशीनों की किस्मों संबंधी पूरा डेटा तैयार करके भेजा जाये। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायतों और कोऑपरेटिव सोसाइटियों को पराली सँभालने के लिए यंत्र और मशीनें सब्सिडी पर अधिक से अधिक मुहैया करवाई जाएँ।

डिप्टी कमिश्नरों द्वारा दिए गए सुझाव कि पराली सँभालने वाली मशीनों को चलाने के लिए ज्यादा हॉर्सपावर के ट्रैक्टरों की ज़रूरत होती है, जिस पर बैंक लोन नहीं देते संबंधी मुख्य सचिव ने ज्यादा हॉर्सपावर वाले ट्रैक्टरों पर लोन दिलाने के लिए बैंकों के साथ बातचीत करने के लिए सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किये। बैठक में यह भी विचार सामने आया कि उद्योगों द्वारा पराली के इस्तेमाल के लिए राज्य सरकार और किसानों की मदद की जा रही है, इसलिए उद्योगों को सब्सिडी पर बेलर मुहैया करवाने के लिए केंद्र के समक्ष मुद्दा उठाया जायेगा।

इस मौके पर सख़्त निर्देश जारी करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जिन फर्मों ने पराली की संभाल के समय खऱाब हुई किसानों की मशीनों की रिपेयर नहीं की उनके खि़लाफ़ कार्यवाही की जाये। मीटिंग के दौरान भठ्ठों में इस्तेमाल के लिए एकत्र की गई पराली को संभालने के लिए तुरंत प्रयास किए जाएँ एवं इस सम्बन्धी दिशा-निर्देश डिप्टी कमिश्नरों को जारी किये गए। गौरतलब है कि 1 मई, 2023 से भठ्ठों में पराली का इस्तेमाल शुरू कर दिया जायेगा।

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