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World Vitiligo Day 2026: विटिलिगो के सफेद दाग छूने से नहीं फैलते, फिर भी क्यों डरते हैं लोग

World Vitiligo Day 2026: विटिलिगो यानी त्वचा पर सफेद दाग की स्थिति छूने से नहीं फैलती, लेकिन फिर भी लोग इससे काफी डरते हैं। आइए जानते हैं आखिर ऐसा क्यों है...

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विटिलिगो के सफेद दाग छूने से नहीं फैलते, फिर भी डरते हैं लोग

World Vitiligo Day 2026: आज भी हमारे समाज में सफेद दाग यानी विटिलिगो को लेकर कई तरह की गलतफहमियां हैं। किसी व्यक्ति की त्वचा पर सफेद धब्बे दिख जाएं तो लोग उससे दूरी बनाने लगते हैं। कई लोग यह तक मान लेते हैं कि यह छूने से फैलने वाली बीमारी है। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। विटिलिगो न तो छूने से फैलता है और न ही साथ बैठने, हाथ मिलाने या खाना खाने से। इसके बावजूद इससे जुड़े डर और भेदभाव आज भी खत्म नहीं हुए हैं। यही वजह है कि हर साल वर्ल्ड विटिलिगो डे के जरिए लोगों को जागरूक करने की कोशिश की जाती है, ताकि सफेद दाग से नहीं, बल्कि उससे जुड़ी गलत सोच से लड़ाई लड़ी जा सके।

आखिर क्या होता है विटिलिगो - Vitiligo in hindi

विटिलिगो एक ऐसी स्थिति है जिसमें त्वचा के कुछ हिस्सों का रंग हल्का पड़ने लगता है और वहां सफेद दाग दिखाई देने लगते हैं। यह किसी संक्रमण, गंदगी या छूत की बीमारी की वजह से नहीं होता। यह सिर्फ त्वचा के रंग में होने वाला बदलाव है।

छूने से नहीं फैलता सफेद दाग

सबसे जरूरी बात यह समझने की है कि विटिलिगो कोई संक्रामक बीमारी नहीं है। अगर किसी व्यक्ति को सफेद दाग है तो उसके साथ रहने, हाथ मिलाने, गले मिलने या खाना साझा करने से यह दूसरे व्यक्ति को नहीं हो सकता। डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस बात की पुष्टि करते हैं।

फिर लोगों के मन में डर क्यों है

इसका सबसे बड़ा कारण जानकारी की कमी है। कई लोग बचपन से ही ऐसी बातें सुनते आए हैं कि सफेद दाग फैल सकते हैं। जब वे किसी के शरीर पर सफेद निशान देखते हैं तो बिना सच्चाई जाने डर जाते हैं। यही डर धीरे-धीरे भेदभाव का रूप ले लेता है।

मानसिक रूप से भी प्रभावित होते हैं लोग

विटिलिगो से पीड़ित लोगों को अक्सर लोगों के सवालों, घूरने वाली नजरों और दूरी बनाने वाले व्यवहार का सामना करना पड़ता है। इससे उनका आत्मविश्वास कम हो सकता है। कई बार वे सामाजिक कार्यक्रमों में जाने से भी बचने लगते हैं।

बदलनी होगी सोच

वर्ल्ड विटिलिगो डे हमें यही संदेश देता है कि सफेद दाग किसी व्यक्ति की पहचान नहीं हैं। जरूरत इस बात की है कि हम लोगों को उनके रंग या त्वचा के आधार पर न आंकें। सही जानकारी और संवेदनशील व्यवहार से ही हम विटिलिगो से जुड़े डर और भेदभाव को खत्म कर सकते हैं। जब सफेद दाग छूने से नहीं फैलते, तो फिर डर फैलाने की भी कोई वजह नहीं होनी चाहिए।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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