Hidden Cause Of Dizziness: अचानक चक्कर आना एक ऐसी समस्या है जिससे लगभग हर व्यक्ति कभी न कभी परेशान होता है। ज्यादातर लोग मान लेते हैं कि इसकी वजह सर्वाइकल या गर्दन की कोई परेशानी है। लेकिन हेल्थ इन्फ्लूएंसर, न्यूरोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन डॉ. प्रियंका सेहरावत का कहना है कि हर बार चक्कर आने के पीछे सर्वाइकल जिम्मेदार नहीं होता। कई मामलों में इसके पीछे कान के अंदर मौजूद संतुलन बनाने वाले हिस्से की गड़बड़ी (Inner Ear Problem) हो सकती है। यही वजह है कि कुछ लोगों को बिस्तर से उठते समय, करवट बदलते समय या अचानक सिर घुमाने पर चक्कर महसूस होने लगते हैं। ऐसे में सही कारण जानना जरूरी है, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके।
कान का एक हिस्सा संभालता है शरीर का संतुलन
डॉ. प्रियंका बताती हैं कि हमारे कान सिर्फ सुनने का काम नहीं करते, बल्कि शरीर का संतुलन बनाए रखने में भी मदद करते हैं। कान के अंदर एक ऐसा हिस्सा होता है जो दिमाग को यह जानकारी देता है कि शरीर किस स्थिति में है। अगर इस हिस्से में कोई गड़बड़ी आ जाए तो व्यक्ति को चक्कर आने लगते हैं।
छोटी सी गड़बड़ी बन सकती है बड़ी परेशानी
कान के अंदर कुछ बेहद छोटे कण होते हैं जो संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर किसी कारण से ये अपनी जगह से खिसक जाएं या कान के अंदर दबाव बढ़ जाए तो संतुलन बिगड़ सकता है। ऐसे में अचानक चक्कर आना, सिर घूमना या खड़े होने पर अस्थिर महसूस होना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
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उठते-बैठते या करवट बदलते समय क्यों आते हैं चक्कर
अगर आपको बिस्तर से उठते समय, लेटे-लेटे करवट बदलते समय या सिर घुमाते ही चक्कर आते हैं, तो इसकी वजह कान से जुड़ी समस्या हो सकती है। कई बार लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे उनके आसपास की चीजें घूम रही हों। ऐसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
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ज्यादा ईयरफोन और कैफीन भी कर सकते हैं नुकसान
डॉ. प्रियंका सेहरावत के मुताबिक जरूरत से ज्यादा ईयरफोन इस्तेमाल करना और बहुत अधिक चाय या कॉफी पीना भी कान के संतुलन तंत्र को प्रभावित कर सकता है। अगर आपको बार-बार चक्कर आते हैं तो कुछ समय के लिए ईयरफोन का इस्तेमाल कम करना और कैफीन सीमित करना फायदेमंद हो सकता है।
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है
अगर चक्कर आने के साथ सुनने में परेशानी हो, चलने में लड़खड़ाहट महसूस हो या संतुलन बनाए रखने में दिक्कत हो रही हो, तो सबसे पहले ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह भी ली जा सकती है।
हर बार चक्कर आने का मतलब सर्वाइकल की समस्या नहीं होता। कई बार इसकी असली वजह कान के अंदर मौजूद संतुलन बनाने वाले हिस्से की गड़बड़ी होती है। इसलिए बार-बार चक्कर आने पर अंदाजा लगाने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।
