World Mental Health Day 2022, How To Raise Children Mentally Strong: स्वस्थ जीवन जीने के लिए मस्तिष्क का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। आजकल लोग शारीरिक स्वास्थ्य पर तो ध्यान दे रहे हैं लेकिन ऐसे बहुत से लोग हैं जो मानसिक स्वास्थ्य को दरकिनार कर देते हैं। बड़े लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में समझा पाना आसान होता है लेकिन इसका महत्व बच्चों को आसानी से नहीं समझाया जा सकता है। बच्चों में सही गलत की समझ नहीं होती है जिस वजह से माता-पिता को उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बताने में मुश्किल होती है। ऐसे में आपको चिंता करने की जगह कुछ ऐसे तरीके अपनाने चाहिए जिसकी वजह से आपके बच्चे मानसिक रूप से स्वस्थ होंगे। यहां जानें बच्चों को मेंटली स्ट्राॅन्ग बनाने के लिए आपको क्या करना चाहिए।
मेंटल हेल्थ एक्सरसाइज है जरूरी
बच्चों को अपने शरीर का ध्यान रखना तो हर माता-पिता सिखाते हैं लेकिन बहुत कम पेरेंट्स होते हैं जो अपने बच्चों को अपने दिमाग को भी स्वस्थ रखने की सीख देते हैं। ऐसे में बच्चों को मानसिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए आपको मेंटल स्ट्रैंथ एक्सरसाइज की मदद लेनी चाहिए। ऐसा करने से आपके बच्चे मानसिक रूप से स्वस्थ बनेंगे। आप चाहें तो प्रोफेशनल हेल्प भी ले सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि प्रोफेशनल हेल्प लेने से कभी कतराएं नहीं।
बच्चों की भावनाओं को समझें
यह अक्सर देखा गया है कि एकेडमिक्स के लिए माता-पिता अपने बच्चों का खास ध्यान रखते हैं। लेकिन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में वह इतना बिजी हो जाते हैं कि उन्हें इमोशनल रूप से मजबूत बनाना वह भूल जाते हैं या दरकिनार कर देते हैं। स्टडी के अनुसार, यह पता चला है कि 60% कॉलेज स्टूडेंट्स यह मानते हैं कि माता-पिता उन्हें एकेडमिक्स के लिए तो तैयार करवाते हैं लेकिन उन्हें इमोशनली स्ट्राॅन्ग बनाना भूल जाते हैं।
कई बच्चे यह मानते हैं कि उनके माता-पिता को उन्हें डिप्रेशन, अकेलापन, एंग्जायटी जैसे तमाम परेशानियों से बचने का रास्ता भी सिखाना चाहिए। इसीलिए पेरेंट्स को अपने बच्चों की भावनाओं के बारे में समझ होनी चाहिए। अगर आप अपने बच्चों को सच में भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हैं तो भावनात्मक रूप से भी उनसे जुड़ना सीखें ताकि वह आपको अपनी हर फीलिंग्स के बारे में बता सकें।
बच्चों को वास्तविकता से करवाएं अवगत
जब भी आपके बच्चे किसी चीज को लेकर यह सोचने लगें कि उनके अंदर कमी है या फिर वह कोई चीज नहीं कर पाएंगे तो उनको यह कहना बंद कर दें कि 'तुम इसे जरूर कर पाओगे।' यह बोलने की जगह आपके अपने बच्चों को वास्तविकता से अवगत करवाना चाहिए। उनको मोटिवेट करने के साथ यह भी सिखाएं कि वह किस तरह नेगेटिव थॉट्स को पॉजिटिविटी की तरफ बदल सकते हैं। उनको यह बताएं कि जरूरी नहीं है कि जो वह सोच रहे हैं वह हमेशा सच हो, कभी-कभी अपने दिमाग को गलत साबित करना भी बहुत जरूरी होता है।
अपने बच्चों के लिए बनें रोल मॉडल
जब भी आपके बच्चे के साथ कुछ बुरा हो और वह उस चीज की वजह से और नाजुक बनता जा रहा हो, तो ऐसे समय पर आपको अपने बच्चे का रोल मॉडल बनना चाहिए। अपने बच्चे को निराश होते देखने की जगह आपको उन्हें यह बताना चाहिए कि जब आपके साथ यह चीजें हुई थीं तब आपने कैसे इस समस्या का हल निकाला था। बच्चों को मानसिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए आपको उनका रोल मॉडल भी बनना होगा।
समस्याओं का हल निकालना सिखाएं
अगर आपका बच्चा आपके पास कोई समस्या लेकर आ रहा है तो उसे टालने की जगह आपको उन्हें समस्याओं का हल निकालना सिखाना होगा। इसके साथ आपको अपने परिवार के साथ कुछ ऐसी स्ट्रेटजी के बारे में बात करनी चाहिए जिससे ना ही सिर्फ बच्चे बल्कि दूसरे भी मेंटली स्ट्राॅन्ग बन सकें। बच्चों को स्ट्राॅग और कठोर बनने के बीच का फर्क जरूर समझाएं। उन्हें बताएं कि दुख को दरकिनार करना और अपने इमोशंस को दबाना स्ट्राॅन्ग होना नहीं होता है।
