Sleep and Blood Sugar Levels: ब्लड शुगर लेवल कम और ज्यादा होना आजकल एक आम हेल्थ समस्या हो गई है। कई लोग ब्लड शुगर लेवल को सोने के साथ भी जोड़ते हैं। बता दें कि हर रात एक व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल अपने आप बढ़ता है। रात भर और नींद के दौरान ब्लड शुगर लेवल ऊपर नीचे होना एक सामान्य सी बात है। इसके लिए आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है।
हेल्दी ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखने के लिए नींद काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पिछले कुछ सालों में लोगों का स्लीप पैटर्न (Sleep Pattern) तेजी से बदल रहा है। कम नींद लेना कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं (lack of sleep and blood sugar levels) को जन्म दे सकता है फिर चाहे वो मोटापा हो या शुगर। जिस वजह से यह कहना गलत नहीं होगा की ब्लड शुगर लेवल ही नींद और वजन घटाने के लिए जरूरी है।
क्या सोने से ग्लूकोज लेवल कम या बढ़ सकता है?
कई लोग इस बात को मानने से इनकार करते हैं, हालांकि कई रिपोर्ट्स के अनुसार नींद ग्लूकोज के स्तर को बढ़ा और कम कर सकती है। हमारे शरीर का ब्लड शुगर लेवल बैलेंस करने के लिए पूरी तरह से नींद लेना काफी जरूरी है। ऐसा अक्सर देखा जाता है कि जो लोग कम सोने हैं उन्हें शुगर (diabetes) की समस्या से गुजरना पड़ता है।
ब्लड शुगर लेवल नींद को कैसे प्रभावित करता है?
जिस तरह नींद ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करती है, उसी तरह ब्लड शुगर लेवल भी नींद को प्रभावित कर सकता है। टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों पर की गई एक स्टडीज में पाया गया कि हाई ब्लड शुगर लेवल वाले लोगों को अच्छे से नींद नहीं आती। वही सामान्य ग्लूकोज लेवल और प्री डायबिटीज वाले लोगों को भी सही प्रकार से नींद नहीं आती।
डिस्क्लेमर: आर्टिकल में दिए गए सुझाव केवल सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने या अपने आहार में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।
