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सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है 'ब्रेन स्ट्रोक' का खतरा? जानें इसके कारण और किसे है ज्यादा खतरा

Brain Stoke And Winters : सर्दियों में खून का गाढ़ा होना, नसों का सिकुड़ना और हाई ब्लड प्रेशर ये कुछ ऐसे कारण हैं जो ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा देते है। कई हेल्थ रिसर्च के अनुसार ठंडे दिनों में इस्केमिक स्ट्रोक का जोखिम ज्यादा होता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं और साथ ही जानें किसे इसका ज्यादा खतरा होता है?

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सर्दियों में क्यों बढ़ता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा?

Brain Stoke And Winters : ठंड के दिनों में ब्रेन स्ट्रोक के मामले काफी तेजी से बढ़ने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है? तो आपको बता दें कि जैसे ही तापमान गिरता है, शरीर खुद को गर्म रखने के लिए कई तरह के आंतरिक बदलाव शुरू कर देता है। यह प्रक्रिया बाहर से तो सामान्य दिखती है, लेकिन इसमें शरीर के अंदर काफी बड़े बदलाव होते हैं। ब्लड प्रेशर, खून का गाढ़ा होना और दबाव बढ़ना शामिल हैं। आइए जानते हैं सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक के मामले क्यों बढ़ते हैं और किसे होता है ज्यादा खतरा?

सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है 'ब्रेन स्ट्रोक' का खतरा?

ठंडे तापमान में खून के अंदर रेड ब्लड सेल्स, प्लेटलेट्स और थक्का बनाने वाले प्रोटीन बढ़ जाते हैं। इससे ब्लड-विस्कोसिटी यानी खून का गाढ़ापन बढ़ जाता है। जिससे रक्त का थक्का बनने की संभावना बढ़ती है। यही थक्का दिमाग की नसों को ब्लॉक करके स्ट्रोक का कारण बन सकता है। हाल ही में हुए एक हेल्थ शोध में पाया गया कि ठंड के दिनों में स्ट्रोक की संभावना 3% तक बढ़ जाती है।

ब्रेन स्ट्रोक का खतरा किसे ज्यादा है?

ठंड में शरीर खुद को गर्म रखने के लिए नसों को सिकोड़ लेता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और ब्रेन तक ब्लड सप्लाई स्लो हो जाती है। ऐसे में जो लोग हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज या स्ट्रोक का सामना कर चुके हैं, उनके लिए जोखिम काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा 60 साल से अधिक आयु वाले लोगों में भी इसका खतरा ज्यादा देखने को मिलता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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