IBS Diet Plan: Irritable Bowel Syndrome यानी IBS एक ऐसी पाचन संबंधी समस्या है, जिसमें पेट दर्द, गैस, पेट फूलना, दस्त या कब्ज जैसी परेशानियां बार-बार हो सकती हैं। ऐसे में सिर्फ दवा ही नहीं, बल्कि रोजाना की डाइट भी लक्षणों को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कुछ फूड्स आंतों के लिए दूसरों के अपेक्षाकृत फायदेमंद हो सकते हैं, जबकि कुछ चीजें संवेदनशील आंत में परेशानी बढ़ा सकती हैं। आज हम आपको Dr. Pal के मुताबिक खानपान से जुड़ी जरूरी सलाह देने जा रहे हैं। जो आपकी पाचन से जुड़ी समस्या (Digestive Health) को ठीक करने में मदद कर सकती है।
ओट्स और गाजर को डाइट में करें शामिल
IBS से परेशान लोगों के लिए ओट्स एक उपयोगी विकल्प माना जाता है। इसमें घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जो आंतों की नियमितता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। खासतौर पर जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उनके लिए डाइट में उचित मात्रा में ओट्स शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इसी तरह गाजर को भी डाइट में शामिल किया जा सकता है।
हालांकि इस बात का भी ध्यान रखें कि फाइबर की मात्रा अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने से कुछ लोगों से पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इसलिए इसकी मात्रा तेजी से बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर रहता है, क्योंकि कुछ लोगों में अचानक अधिक फाइबर लेने से गैस या पेट फूलने की समस्या बढ़ सकती है।
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बेरीज खाना हो सकता है फायदेमंद
स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी और ब्लूबेरी जैसी बेरीज को लो-FODMAP डाइट में शामिल किया जा सकता है। FODMAP ऐसे कार्बोहाइड्रेट का समूह है, जिन्हें कुछ लोगों की आंत आसानी से पचा नहीं पाती। ऐसे में कम FODMAP वाले खाद्य पदार्थ कुछ IBS मरीजों में पाचन संबंधी लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।
आम और सेब से बनाएं दूरी
IBS में सभी फल हर व्यक्ति के लिए एक जैसे नहीं होते हैं। आम में FODMAP की मात्रा अधिक हो सकती है, इसलिए इसकी अधिक मात्रा कुछ लोगों में पेट से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकती है। इसी तरह सेब में फ्रुक्टोज और सोर्बिटोल जैसे FODMAP पाए जाते हैं। इसलिए IBS से परेशान लोगों को इनका सेवन करते समय मात्रा और अपने लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए।
परेशानी बढ़ा सकते हैं ये फूड्स
कॉफी में मौजूद कैफीन आंतों को उत्तेजित कर सकता है। इसके कारण कुछ लोगों को बार-बार शौच लगने या दस्त जैसी समस्या महसूस हो सकती है। वहीं छोले और राजमा जैसे खाद्य पदार्थों की अधिक मात्रा FODMAP लोड बढ़ा सकती है और गैस या पेट फूलने की समस्या पैदा कर सकती है। इसलिए इन्हें कम मात्रा में लेना या इनसे दूरी बनाना फायदेमंद हो सकता है।
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प्याज-लहसुन से फिलहाल दूरी
IBS के लक्षण बढ़ने के दौरान प्याज और लहसुन से परेशानी हो सकती है। ये कुछ संवेदनशील लोगों में गैस, पेट फूलने और पेट की बेचैनी बढ़ा सकते हैं। काला चना भी FODMAP से भरपूर खाद्य पदार्थों में शामिल है, इसलिए संवेदनशील आंत वाले लोगों में इसके सेवन से गैस और ब्लोटिंग की शिकायत हो सकती है।
फ्राइड फूड्स से दूरी
IBS में तले हुए और अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थ भी समस्या बढ़ा सकते हैं। ऐसे भोजन से कुछ लोगों में पेट फूलना और पेट दर्द जैसे लक्षण ज्यादा महसूस हो सकते हैं। इसलिए लक्षणों के दौरान हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन चुनना बेहतर विकल्प हो सकता है।
डिस्क्लेमर- IBS में किसी खाद्य पदार्थ से परेशानी होती है तो उसकी मात्रा और सेवन के बाद आने वाले लक्षणों को नोट करना उपयोगी हो सकता है। लेख में बताए गए डाइट टिप्स को लंबे समय तक अपनाने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना जरूरी है।
