Home Remedy: चेचक, छोटी माता, बड़ी माता और खसरे जैसी बीमारियों का जिक्र अक्सर पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में मिलता रहा है। ऐसे ही एक घरेलू उपाय का उल्लेख आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) ने किया है। उनके अनुसार, प्याज के रस में काली मिर्च मिलाकर सेवन कराने से इन स्थितियों में लाभ मिल सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं जाने-माने आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण के बताए इस नुस्खे के बारे में...
प्याज और काली मिर्च का उपाय
आचार्य बालकृष्ण के बताए नुस्खे के अनुसार, एक चम्मच प्याज का रस निकालकर उसमें दो-तीन काली मिर्च को पीसकर मिला दें। उनके मुताबिक, इस मिश्रण को दो-तीन दिन तक पिलाने से चेचक या खसरे जैसी स्थिति में तेजी से लाभ होता है। इतना ही नहीं इस नुस्खे का इस्तेमा करने से चेचक के निशान भी ठीक हो जाते हैं।
कितने दिन तक इस्तेमाल करें नुस्खा?
आचार्य बालकृष्ण के इस नुस्खे को लगातार दो-तीन दिन तक देने की बात कही गई है। उनका दावा है कि इस अवधि में चेचक या खसरे जैसी स्थिति में व्यक्ति को लाभ मिल सकता है। यानी इस घरेलू नुस्खे में किसी मुश्किल प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। प्याज का रस निकालकर उसमें दो-तीन काली मिर्च का पाउडर मिलाकर इसका सेवन किया जा सकता है।
चेचक के निशान भी साफ
आचार्य बालकृष्ण ने इस नुस्खे के बारे में एक और महत्वपूर्ण बात कही है। उनके अनुसार, इस उपाय को अपनाने से लाभ मिलने के साथ-साथ बाद में त्वचा पर निशान भी नहीं रहते हैं। उन्होंने इस नुस्खे को अपने अनुभव और पारंपरिक घरेलू उपचार के संदर्भ में बताया है।
चेचक और खसरे के लिए सावधानी
इन दोनों के बारे में समझने के लिए यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। आम बोलचाल में छोटी माता, बड़ी माता, चेचक और खसरा जैसे शब्द कई बार अलग-अलग बीमारियों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। चिकनपॉक्स यानी छोटी माता, खसरा यानी measles और smallpox यानी चेचक एक-दूसरे से अलग बीमारियां हैं।
WHO के अनुसार खसरा बेहद संक्रामक वायरल बीमारी है और इससे निमोनिया, दस्त, कान का संक्रमण, एन्सेफलाइटिस और आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याएं जैसी जटिलताएं हो सकती हैं। खसरे का कोई विशिष्ट एंटीवायरल उपचार मौजूद नहीं है। इसका इलाज करते समय इसके लक्षणों का इलाज किया जाता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताए गए पारंपरिक घरेलू नुस्खे का विवरण है। इसे चिकित्सकीय सलाह या प्रमाणित उपचार न समझें। किसी भी तरह का बुखार, दाने, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
