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World Pharmacists Day 2026: केमिस्ट से दवा लेते समय ये 7 सवाल जरूर पूछें, घर जाकर नहीं होगी उलझन

World Pharmacists Day 2026 पर जानें मेडिकल स्टोर से दवा लेते समय फार्मासिस्ट से कौन-से 7 सवाल पूछें। खुराक, छूटी डोज, साइड इफेक्ट और दवा रखने का सही तरीका समझें।

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फार्मेसी पर दवा लेने से पहले पूछें इन 7 सवालों के जवाब, जानें क्यों हैं जरूरी (AI Image)

World Pharmacists Day 2026: डॉक्टर की पर्ची लेकर मेडिकल स्टोर गए। दवाएं लीं, बिल चुकाया और घर लौट आए। फिर पहली गोली लेने से ठीक पहले याद आया- यह खाने से पहले लेनी थी या बाद में? ऐसी उलझन से बचने के लिए दवा के साथ कुछ जरूरी जवाब भी घर ले जाएं।

दरअसल, मेडिकल स्टोर पर अक्सर हमारी पूरी बातचीत दो बातों में सिमट जाती है- पर्ची वाली सारी दवाएं दे दीजिए और कितने पैसे हुए? काउंटर पर भीड़ हो तो पैकेट पर लिखा नाम पढ़ने का भी समय नहीं निकालते। घर पहुंचने के बाद जब एक जैसी दिखने वाली दो गोलियां सामने रखी हों, तब समझ आता है कि एक मिनट रुककर पूछ लेना कितना काम आता।

आज, 25 सितंबर को World Pharmacists Day 2026 है। यह दिन फार्मासिस्ट के काम को समझने का भी मौका है। अगली बार मेडिकल स्टोर जाएं तो पर्ची के साथ ये सात सवाल भी ले जाएं।

1. क्या आपने पर्ची वाली सही दवा और सही खुराक दी है?

दवा का नाम मिलाने के साथ पैकेट पर लिखी स्ट्रेंथ भी देखें। अगर आप यही दवा पहले ले चुके हैं और इस बार गोली का रंग, आकार या पैकेट अलग है, तो पूछें। संभव है ब्रांड बदला हो, लेकिन इसका जवाब अंदाजे से न निकालें।

पर्ची और पैकेट साथ रखकर फार्मासिस्ट से मिलवा लें। खासकर तब, जब घर में एक से ज्यादा लोगों की दवाएं खरीदी जा रही हों। फार्मेसी से निकलने से पहले सही दवा और खुराक जांचना दवा के सुरक्षित इस्तेमाल का अहम हिस्सा है।

2. इसे खाने से पहले लेना है या बाद में?

दिन में दो बार... सुनकर भी कई सवाल बाकी रह जाते हैं। सुबह और शाम किस समय? खाने के साथ या खाली पेट? गोली पूरी निगलनी है? अगर सिरप है तो कितनी मात्रा नापनी है?

यहीं रुककर तरीका समझें। बात लंबी लग रही हो तो पैकेट पर समय लिखवा लें या अपने फोन में नोट कर लें। सिरप के लिए नापने वाला कप या सिरिंज लें- घर में खाने वाली चम्मच से मात्रा तय न करें।

3. यह दवा कितने दिन तक लेनी है?

दवा लेने के बाद कई बार दो दिन में आराम महसूस होता है और मन करता है कि अब दवा बंद कर दें। वहीं कुछ लोग 'बची हुई है तो खत्म कर लेते हैं' सोचकर जरूरत से ज्यादा दिन लेते रहते हैं। लेकिन दोनों ही फैसले खुद से न करें।

पर्ची पर अवधि साफ लिखी है तो उसे दोहरा कर पुष्टि कर लें। स्पष्ट नहीं है तो फार्मासिस्ट से पूछें और जरूरत पड़ने पर दवा लिखने वाले डॉक्टर से बात करें। यह भी समझें कि तकलीफ लौटने पर पुरानी दवा फिर से शुरू करनी चाहिए या नहीं।

4. एक डोज भूल गए तो क्या करना है?

यह सवाल उस दिन पूछना आसान है जब दवा हाथ में है। रात को अचानक याद आने पर फैसला लेना मुश्किल हो सकता है। छूटी हुई खुराक के लिए सभी दवाओं पर लागू होने वाला एक जवाब नहीं होता। इसलिए अपनी दवा के बारे में खास निर्देश पूछें।

पैकेट के साथ आई जानकारी भी संभालकर रखें। डोज छूटने की भरपाई के लिए अपने आप अगली बार दो खुराक साथ न लें। कुछ दवाओं में खुराक देर से लेने या छोड़ने के अलग जोखिम होते हैं।

5. ‘मैं जो दूसरी दवाएं ले रहा हूं, उनके साथ इसे ले सकता हूं?’

यहां केवल डॉक्टर की लिखी दवाओं की बात नहीं है। फार्मासिस्ट को उन गोलियों, सिरप, विटामिन और सप्लीमेंट के बारे में भी बताएं जो आप पहले से ले रहे हैं। पहले किसी दवा से एलर्जी हुई है तो उसका जिक्र करें।

नाम याद नहीं रहते? नियमित दवाओं के पैकेट की फोटो फोन में रख लें। इस छोटे से कदम से फार्मासिस्ट को आपकी पूरी सूची देखने में आसानी होगी। अगर नई और पुरानी दवा को साथ लेने पर कोई सवाल हो, तो वे डॉक्टर से पुष्टि करने को कह सकते हैं।

6. ‘किस साइड इफेक्ट पर तुरंत डॉक्टर को बताना चाहिए?’

दवा के साथ मिलने वाली पर्ची पर संभावित साइड इफेक्ट की लंबी सूची हो सकती है। उसे देखकर घबराने के बजाय खुलकर कर सवाल करें कि कौन-सी परेशानी पर नजर रखनी है और कब चिकित्सा सहायता लेनी है?

अगर किसी दवा से पहले रैश, सूजन या दूसरी तकलीफ हुई थी, तो दवा खरीदते समय ही बताएं। फार्मासिस्ट से यह भी पूछें कि कोई परेशानी शुरू होने पर किससे संपर्क करना है।

7. ‘इसे घर में कैसे रखना है?’

हम अक्सर दवा खरीदकर बैग से निकालते हैं और घर की किसी दराज में रख देते हैं। लेकिन हर दवा के रखरखाव का तरीका एक जैसा नहीं होता। कुछ के लिए सामान्य तापमान ठीक होता है, कुछ के लिए अलग निर्देश होते हैं। इसलिए पूछें कि दवा कहां रखनी है और पैकेट खुलने के बाद इस्तेमाल को लेकर कोई खास बात तो नहीं है।

साथ में एक्सपायरी डेट देखें। अगर बोतल या पैकेट पर लिखे निर्देश समझ नहीं आ रहे, तो काउंटर पर ही साफ कर लें।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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