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56 की उम्र में मुश्ताक खान का निधन, कैंसर दोबारा लौटने से बिगड़ी हालत, जानिए आखिर क्या होता है Cancer Relapse?

बॉलीवुड के जाने-पहचाने अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके बिजनेस पार्टनर के मुताबिक, पहले ठीक हो चुका लंग कैंसर दोबारा लौट आया था। समझिए कैंसर रिलैप्स क्या होता है और यह क्यों हो सकता है।

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Actor Mushtaq Khan Dies at 56 After Cancer Relapse

Bollywood Actor Mushtaq Khan Death News: हिंदी फिल्मों में अपने कॉमिक और सहायक किरदारों से अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन हो गया। अभिनेता ने ‘वेलकम’, ‘हेरा फेरी’, ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया था। 24 सितंबर 2026 को उनके निधन की खबर सामने आई। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम ने बताया कि मुश्ताक खान को 5 साल पहले लंग कैंसर हुआ था और इलाज के बाद वह ठीक हो गए थे।

    उनके मुताबिक, निधन से करीब आठ दिन पहले कैंसर दोबारा लौट आया और उनकी हालत तेजी से बिगड़ी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस खबर के बाद ‘कैंसर रिलैप्स’ शब्द एक बार फिर चर्चा में है। लेकिन आखिर कैंसर ठीक होने के बाद दोबारा कैसे लौट सकता है? क्या इसका मतलब पहली बीमारी पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

    Cancer Relapse क्या होता है?

    कैंसर का इलाज पूरा होने के बाद जब कुछ समय तक जांच में बीमारी के संकेत नहीं मिलते और बाद में कैंसर फिर दिखाई देता है, तो डॉक्टर इसे कैंसर रिकरेंस या रिलैप्स कहते हैं। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के अनुसार, ऐसा तब हो सकता है जब इलाज के बाद कैंसर के सेल्स शरीर में बची रह जाएं। शुरुआत में इनकी संख्या इतनी कम हो सकती है कि जांच में उनका पता न चले। समय के साथ ये कोशिकाएं बढ़ सकती हैं और कैंसर फिर दिखाई दे सकता है।

    कैंसर दोबारा शरीर में कहां लौट सकता है?

    रिलैप्स केवल उसी जगह होना जरूरी नहीं है, जहां पहली बार कैंसर मिला था। इसे आम तौर पर तीन तरह से समझा जाता है।

    • लोकल रिकरेंस: कैंसर उसी जगह या उसके बहुत पास दोबारा दिखाई दे।
    • रीजनल रिकरेंस: बीमारी आसपास के ऊतकों या लिम्फ नोड्स में वापस आए।
    • डिस्टेंट रिकरेंस: कैंसर शरीर के किसी दूसरे हिस्से में पहुंच जाए। इसे मेटास्टेटिक कैंसर कहा जा सकता है।

    इसलिए कैंसर के इलाज के बाद नियमित जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    क्या कैंसर रिलैप्स का इलाज मुम्किन है

    कैंसर रिलैप्स का इलाज मुम्किन है, लेकिन डॉक्टर कैंसर दोबारा आने पर बीमारी की जगह, प्रकार, फैलाव और मरीज का पिछला ट्रिटमेंट देखकर आगे का इलाज तय करते हैं। इसके लिए दोबारा जांच और कई बार नए सिरे से बीमारी की स्थिति समझना जरूरी होता है। इलाज में सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन, दूसरी दवाएं जैसे विकल्प स्थिति के अनुसार इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

    हालांकि ध्यान रखें कि, कैंसर का इलाज पूरा होने के बाद भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार फॉलो-अप जांच जरूरी होती है। किसी व्यक्ति में कैंसर वापस आएगा या नहीं, इसका अनुमान केवल सामान्य जानकारी के आधार पर नहीं लगाया जा सकता।

    Avni Bagrola
    अवनी बागरोलाauthor

    अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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