What Is The Connection Between Gut And Brain In Hindi: अक्सर जब हम परेशान होते हैं या तनाव में होते हैं, तो पेट भी अजीब सा लगने लगता है- कभी गैस बनती है, कभी भूख नहीं लगती या कभी पेट दर्द होने लगता है। क्या आपने कभी सोचा है कि पेट और दिमाग का ऐसा क्या रिश्ता है? असल में, हमारे पेट और दिमाग के बीच सीधा कनेक्शन होता है, जिसे गट-ब्रेन कनेक्शन कहते हैं। अगर पेट ठीक से काम नहीं कर रहा, तो उसका असर सीधा हमारे मूड और मानसिक हालत पर पड़ सकता है। चलिए जानते हैं कि ये कनेक्शन कैसे काम करता है और कैसे पेट की गड़बड़ी से डिप्रेशन, चिंता और तनाव जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
पेट को क्यों कहते हैं ‘दूसरा दिमाग’
हमारे पेट में एक खास तरह का नर्वस सिस्टम होता है जो अपने आप फैसले लेता है और दिमाग से लगातार बातचीत करता रहता है। इसलिए इसे ‘दूसरा दिमाग’ भी कहा जाता है। यही वजह है कि जब हमारा पेट ठीक नहीं रहता, तो मूड भी चिड़चिड़ा हो जाता है।
खुश रहने वाले हार्मोन बनते हैं पेट में
आपको जानकर हैरानी होगी कि सेरोटोनिन नाम का हार्मोन, जो हमें खुश रहने में मदद करता है, उसका लगभग 90% हिस्सा हमारे पेट में बनता है। अगर पेट की सेहत खराब हो जाए, तो ये हार्मोन भी कम बनने लगते हैं और हम उदास या तनाव में महसूस करने लगते हैं।
सूजन बन सकती है मानसिक परेशानी की वजह
अगर पेट की परत कमजोर हो जाए, तो खाना ठीक से नहीं पचता और खतरनाक चीजें खून में जा सकती हैं। इससे शरीर में सूजन आ जाती है और दिमाग तक इसका असर पहुंचता है, जिससे चिंता, बेचैनी और नींद की दिक्कतें होने लगती हैं।
तनाव का असर सबसे पहले पेट पर
जब हम स्ट्रेस में होते हैं, तो सबसे पहले उसका असर पेट पर पड़ता है। पाचन धीमा हो जाता है, गैस, अपच जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं और गट बैलेंस बिगड़ जाता है- जिससे मानसिक परेशानी और बढ़ सकती है।
क्या करें पेट और मन को हेल्दी रखने के लिए
- रोजाना फल-सब्जियां और फाइबर वाला खाना खाएं
- दही, अचार जैसे फर्मेंटेड फूड ज़रूर लें
- प्रोबायोटिक सप्लीमेंट भी फायदेमंद हो सकते हैं
- योग, ध्यान और गहरी सांस से तनाव कम करें
- नींद पूरी लें और हल्का-फुल्का एक्सरसाइज करें
अगर आप अक्सर तनाव में रहते हैं या डिप्रेशन जैसा महसूस होता है, तो सिर्फ दिमाग ही नहीं, पेट की सेहत पर भी ध्यान दें। हेल्दी पेट यानी हेल्दी माइंड-यही इस कनेक्शन की असली ताकत है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
