Autism in Child: ऑटिज्म एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिससे आमतौर पर छोटे बच्चे पीड़ित होते हैं। इस तरह के बच्चे खुद को दूसरों से अलग रहना पसंद करते हैं। इसके अलावा यह बच्चे हमेशा अकेले रहना ज्यादा पसंद करते हैं। इसके अलावा यह बच्चे बहुत अधिक बात करना भी पसंद नहीं करते हैं। वहीं इनकी शब्द भी इस तरह के होते है कि इनकी बात को समझ पाना पेरेंट्स के लिए भी एक बेहद मुश्किल काम बन जाता है। हालांकि इस बीमारी का पता यदि समय रहते लगा लिया जाए तो इसके कॉम्प्लिकेशन्स को काफी कम किया जा सकता है।
किस उम्र में दिखते हैं ऑटिज्म के लक्षण?
ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे में कुछ असामान्य लक्षण 6 माह की उम्र से ही दिखाई देने लगते हैं। लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए डॉक्टर्स भी 2-3 साल का इंतजार करने की सलाह देते हैं। क्योंकि इससे संबंधित लक्षणों को बहुत कम आयु में पता लगा पाना काफी मुश्किल काम है। यदि आपका बच्चा 2-3 साल का होने के बाद भी बात को सुनने और समझने की कोशिश नहीं करता है। तो इस बात की संभावना है कि वह ऑटिज्म से पीड़ित हो सकता है। यदि आप अपने बच्चे में ऐसे लक्षण देखते हैं, तो उन्हें बिना देर किए मानसिक रोग विशेषज्ञ के पास लेकर जाएं।क्या हैं ऑटिज्म के लक्षण (Symptoms of Autism in child)
- 2-3 साल की उम्र तक चलने-फिरने में कठिनाई महसूस करना।
- होल्डिंग पावर का कम होना, बैठे-बैठे गिर जाना।
- किसी के इंटरैक्ट न करना, घंटों तक अकेले बैठे रहना।
- अपनी आयु के बच्चों के साथ नहीं घुलना मिलना।
- बोलने में देरी करना या जीभ को उठाने में कठिनाई होना।
- शरीर के अंगों का उम्र के हिसाब से विकास न होना।
