Rice for Weight Loss : चावल सबसे आरामदेह भोजन में गिना जाता है। इसे भारत के कई हिस्सों में लोकप्रिय भोजन के तौर पर खाया जाता है। चावल एक शानदार अनाज है, जो हमारे शरीर को अधिक उर्जा दे सकता है। इसे सब्जी और दाल के साथ खाने पर इसका स्वाद दोगुना हो जाता है। लेकिन वजन घटाने वाले लोगों में चावल की एक खराब छाप पड़ चुकी है। इसका मुख्य कारण ये है कि चावल में रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ाने की क्षमता होती है। इसके साथ ही यह भूख को भी तेजी से बढ़ता है। वहीं कुछ एक्सपर्ट्स और डाइटिशियन मानते हैं कि यदि चावल को सही तरीके से खाया जाए तो इससे हमारे शरीर में चर्बी नहीं बनती है।
कुछ ही ऐसे लोग होते हैं जिन्हें चावल खाना पसंद नहीं होता है। हालांकि, ज्यादातर लोग चावल के दीवाने होते हैं। उन्हें राजमा के साथ, कढ़ी के साथ, दाल के साथ चावल और मछली के साथ राइस खाना बेहद पसंद होता है।
चावल खाने का सही तरीका
चावल बनाते समय इस बात को जरूर ध्यान में रखें कि इसकी थिकनेस कम ही रहे और ये ज्यादा फूला हुआ भी नहीं होना चाहिए। चावल खाने के लिए एक भाग सब्जी या दाल और एक भाग सलाद को थाली में रखना फायदेमंद साबित हो सकता है। यानी कि तीन हिस्सों में करी, सब्जी और सलाद रहेंगे और एक हिस्से में चावल को लेना है। यह फार्मूला आपको वजन घटाने में भी मदद करता है और आपके शरीर में भरपूर मात्रा में फाइबर भी पहुंचाने का काम करता है।
कटोरी से मिलेगा सही अंदाजा
अगर आप उन लोगों में से हैं जो चावल खाते समय यह अंदाजा नहीं लगा पाते कि आप कितना खा गए तो ऐसे लोगों का वजन काफी तेजी से बढ़ता है। इसके लिए भी आप एक तरीका अपना सकते हैं। चावल खाने के लिए हमेशा कटोरी को ही चुनें क्योंकि थाली के बजाय अगर आप कटोरी में खाएंगे तो यह तरीका आपको अधिक मात्रा में चावल इनटेक करने से रोकेगा। अगर आप चावल के प्रेमी हैं और वजन भी नहीं बढ़ाना चाहते हैं तो यह तरीका आपके लिए बेस्ट ऑप्शन रहेगा।
ब्राउन या ब्लैक राइस का इस्तेमाल
सफेद चावल के मुकाबले काले, लाल और ब्राउन राइस सेहत के लिेए बेहतर माने जाते हैं। ब्लैक राइस में एंटी ऑक्सीडेंट उच्च मात्रा में होते हैं। वहीं ब्राउन राइस में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसलिए अगर आप चावल खाने के साथ अपना मोटापा कम करना चाहते हैं तो इन दोनों चावलों को अपना आहार बना सकते हैं।
डायबिटीज के लिए बासमती है बेस्ट ऑप्शन
अगर आप शुगर पेशेंट हैं तो बासमती चावल आपके लिए बेहतर विकल्प है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप कितना भी इसका सेवन कर सकते हैं। आपको इसकी मात्रा पर भी ध्यान देने की जरूरत है। यह स्वाद में तो अच्छा होता ही है इसके साथ ही यह डायबिटीज को भी नियंत्रण में रखता है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
