हेल्थ

Uric Acid: इन अचूक उपायों से नहीं बढ़ेगा यूरिक एसिड, किडनी स्टोन की समस्या से भी रहेंगे महफूज

  • Produced by: प्रणव मिश्र
  • Updated Mar 19, 2023, 10:18 AM IST

Home Remedies To Control Uric Acid: एक स्टडी में पाया गया है कि गर्मियों में यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा होता है। इस मौसम में कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करने से यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है।

Image

Uric Acid: कैसे कंट्रोल करें यूरिक एसिड ? (इमेज: istockphoto)

Home Remedies To Control Uric Acid: भारत में वर्तमान में ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत अधिक है। यूरिक एसिड के स्तर में वृद्धि से गाउट नामक बीमारी हो जाती है। आर्थराइटिस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक देश में 1000 में से 5-27 लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन के टूटने से बनने वाला एक अपशिष्ट उत्पाद है।

प्यूरीन उन खाद्य पदार्थों में पाया जाता है जो आप प्रतिदिन खाते और पीते हैं। हालांकि यूरिक एसिड मूत्र के साथ गुर्दे के माध्यम से निकल जाता है, यूरिक एसिड कभी-कभी इन सिस्ट में फंस जाता है और छोटे पत्थरों का रूप ले लेता है। इससे गठिया होता है। गर्मियां शुरू हो चुकी हैं और इस मौसम में यूरिक एसिड आपको और परेशान कर सकता है।

NCBI की रिपोर्ट में कहा गया है कि शोध में शामिल लोगों में गर्मियों में यूरिक एसिड का स्तर 5.64 mg/dl था, जबकि सर्दियों में यह केवल 5.23 mg/dl था। ऐसे में गर्मी के मौसम में यूरिक एसिड को रेंज में बनायें रखने के लिए क्या करें, आइये जानते हैं-

अल्कोहल से बनाएं दूरी

Chinese Center for Disease Control and Prevention के मुताबिक गर्मी के मौसम में अल्कोहल खासतौर और बीयर के सेवन से यूरिक एसिड की समस्या बढ़ सकती है। लेकिन जब कोई बीयर के साथ मांस का सेवन करता है तो तेजी से यूरिक एसिड निर्माण होने का खतरा बढ़ जाता है। जिससे व्यक्ति को गाउट की समस्या हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक अल्कोहल में भारी मात्रा में प्यूरीन होता है। जब यह शरीर में प्रवेश करता है तो लैक्टिक एसिड में मेटाबोलाइज़ होता है, जो कि किडनी के कार्य को प्रभावित करता है और यूरिन के माध्यम से एसिड को बाहर निकलने से रोकता है।

प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों से बचें

कई रिपोर्टों में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि प्यूरिन युक्त खाद्य पदार्थो (Purine rich foods) के सेवन से शरीर में यूरिक एसिड का निर्माण होता है। ऐसे में उन फूड्स दूरी बनानी चाहिए, जिनमें खासतौर पर भारी मात्रा में प्यूरिन पाया जाता है। सोयाबीन, मूंगफली, मटर, राजमा, चना, गोभी, लाल मांस और समुद्री भोजन में प्यूरीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए जितना हो सके इन चीजों से परहेज करें।

गर्मियों में इन फलों को खाने से बचें

Health Line के अनुसार इस दौरान फ्रुक्टोज से भरपूर फल गाउट की स्थिति को और खराब कर सकते हैं। अगर आपका यूरिक एसिड लेवल पहले से ही हाई है, तो आपको ऐसे फलों के सेवन से बचना चाहिए जिनमें शुगर की मात्रा अधिक हो। गर्मियों में आम, अंगूर, चेरी, केला जैसे फल खाने से बचें।

गर्म पानी पिएं

याद रखें कि हाई यूरिक एसिड न केवल गाउट की समस्या उत्पन्न करता है बल्कि गुर्दे में पथरी (Kidey Stone) भी पैदा कर सकता है। गर्मी के मौसम में लोग पानी का सेवन कम करते हैं और इन दिनों पसीना अधिक आता है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी के कारण पेशाब कम होती है और शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है। यदि आप गठिया के साथ किडनी में स्टोन के समस्या से बचना चाहते हैं तो पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

खान-पान का विशेष ध्यान रखें

बहुत अधिक मांस खाने से पाचन और अन्य अंगों का कार्य प्रभावित होता है, जिससे प्यूरीन के पाचन में परेशानी होती है। इसलिए बीन्स और मशरूम के अलावा अधिक मांस खाने से बचना चाहिए। इसकी जगह दूध या दूध से बने पदार्थ सीमित मात्रा में ले सकते हैं। क्योंकि ये कम प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थ हैं और इनमें आवश्यक अमीनो एसिड के साथ उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन (High quality protein) होते हैं।

कोल्ड्रिंक से बनाएं दूरी

कई लोग गर्मियों में कोल्ड ड्रिंक्स या अन्य ड्रिंक्स का सेवन करते हैं। इससे आपका यूरिक एसिड लेवल बढ़ सकता है। इस तरह के पेय प्यूरीन में अधिक नहीं होते हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश में बड़ी मात्रा में फ्रुक्टोज (Fructose) होता है। विदित हो कि फ्रुक्टोज गाउट का कारण बन सकता है। साथ ही इसका सीधा असर आपके शरीर पर पड़ता है।

यूरिक एसिड की जांच कराते रहें

यदि आपको लगता है कि आप उच्च यूरिक एसिड लेवल हाई है और जोड़ों में दर्द, लालिमा या अकड़न जैसे लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो आपको अपने यूरिक एसिड के स्तर का परीक्षण (Uric Acid Blood Test) करवाना चाहिए। याद रखें कि यूरिक एसिड की सामान्य सीमा 3.5 और 7.2 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) के बीच होती है। इससे अधिक होने पर आपको सावधान हो जाना चाहिए।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

और पढ़ें
End of Article