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यूरिक एसिड के मरीजों को किस तेल में बनाना चाहिए खाना? जानिए जोड़ों के दर्द से राहत देने वाले बेस्ट कुकिंग ऑयल

Uric Acid Mein Kaun Sa Tel Khana Chahie: यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए दवाइयों के साथ-साथ सही लाइफस्टाइल और खानपान भी जरूरी है। इसके अलावा, इसमें सबसे अहम भूमिका निभाता है उनका कुकिंग ऑयल। रिफाइंड और ट्रांस फैट वाले तेलों यूरिक एसिड के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकतेहैं, ये उनका दर्द बढ़ा सकते हैं। यहां जानें यूरिक एसिड में कौन सा तेल खाना चाहिए।

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Uric Acid Mein Kaun Sa Tel Khana Chahie

Uric Acid Mein Kaun Sa Tel Khana Chahie: आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में गलत खानपान और कम शारीरिक गतिविधियों की वजह से यूरिक एसिड की समस्या बहुत आम हो गई है। यह समस्या तब होती है जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा हो जाती है और वह शरीर से बाहर नहीं निकल पाती। इसका सीधा असर हमारे जोड़ों पर पड़ता है। इसकी वजह से जोड़ों में सूजन, दर्द और गाउट जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो सिर्फ दवाइयों से नहीं, बल्कि अपने खानपान में बदलाव लाकर भी राहत पा सकते हैं। खासकर खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाला तेल सही चुना जाए तो जोड़ों का दर्द काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन-सा तेल आपके लिए सही रहेगा।

यूरिक एसिड में कौन सा तेल खाना चाहिए - Uric Acid Mein Kaun Sa Tel Khana Chahiye

जैतून का तेल (Olive Oil)

अगर आप यूरिक एसिड से परेशान हैं तो जैतून का तेल आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करने में मदद करते हैं। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल खाने का स्वाद भी बढ़ाता है और दिल के लिए भी फायदेमंद होता है। इसे आप सलाद में, हल्की सब्जी या दाल बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। बस ध्यान रखें कि इसे बहुत ज्यादा गर्म न करें।

अलसी का तेल (Flaxseed Oil)

अलसी का तेल उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो यूरिक एसिड और जोड़ों के दर्द से जूझ रहे हैं। इसमें भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो सूजन कम करता है और जोड़ों को मजबूत बनाता है। इसे सीधे सलाद में मिलाकर या स्मूदी में डालकर लिया जा सकता है। ध्यान रखें, इस तेल को पकाने के लिए इस्तेमाल न करें क्योंकि ज्यादा गर्म करने से इसके पोषक तत्व खत्म हो सकते हैं।

सूरजमुखी का तेल (Sunflower Oil)

सूरजमुखी का तेल विटामिन E से भरपूर होता है और इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज यूरिक एसिड से होने वाले जोड़ों के दर्द में राहत देती हैं। यह तेल हल्का होता है और आसानी से पच जाता है, जिससे यह रोजाना के उपयोग के लिए अच्छा विकल्प बन जाता है। हालांकि इसका इस्तेमाल भी सीमित मात्रा में ही करें, क्योंकि ज्यादा तेल किसी भी हालत में नुकसानदायक हो सकता है।

यूरिक एसिड के मरीज इन तेलों से करें परहेज - Uric Acid Mein Kon Sa Tel Nahi Khane Chahiye

सरसों का तेल (Mustard Oil)

भारत में सरसों का तेल पारंपरिक रूप से खूब इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यूरिक एसिड के मरीजों को इसे बहुत अधिक नहीं लेना चाहिए। कुछ लोगों में यह सूजन बढ़ा सकता है, इसलिए अगर आप इसे इस्तेमाल कर रहे हैं तो मात्रा पर ध्यान दें। बेहतर होगा कि इसे दूसरे हेल्दी तेलों के साथ संतुलित रूप में लें।

रिफाइंड और ट्रांस फैट वाले तेल (Refined And Transfat Rich Oil)

बाजार में मिलने वाले ज्यादातर रिफाइंड तेलों में ट्रांस फैट होता है, जो आपके यूरिक एसिड को और बढ़ा सकता है। इनसे न केवल सूजन बढ़ती है, बल्कि दिल की बीमारियों का खतरा भी होता है। कोशिश करें कि आप कोल्ड-प्रेस्ड या नेचुरल ऑयल का इस्तेमाल करें और रिफाइंड तेलों से दूरी बनाएं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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