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सिर्फ खराब स्किनकेयर नहीं दोषी, रैशेज और स्किन एलर्जी पीछे छिपे हैं ऐसे कारण, जिन पर लोग कभी नहीं देते ध्यान

Skin Allergy Rashes Hidden Causes In Hindi: सिर्फ खराब स्किनकेयर ही नहीं, बल्कि कई छिपे कारण भी रैशेज और स्किन एलर्जी के जिम्मेदार होते हैं। जानिए कैसे फंगल इंफेक्शन, हीट रैश, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, विटामिन की कमी और इम्यून सिस्टम की समस्या आपकी त्वचा को प्रभावित कर सकती है। चलिए जानते हैं त्वचा की सही देखभाल और एलर्जी से बचाव के आसान उपाय....

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Skin Allergy Rashes Hidden Causes In Hindi

Skin Allergy Rashes Hidden Causes In Hindi: अक्सर हम सोचते हैं कि रैशेज या स्किन एलर्जी का मतलब है गलत क्रीम या प्रोडक्ट का इस्तेमाल। लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा गहरी है। त्वचा हमारे शरीर का सबसे बड़ा हिस्सा है और इसे कई तरह के कारण प्रभावित कर सकते हैं। फंगल इंफेक्शन से लेकर विटामिन की कमी, इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया और यहां तक कि मौसम—सब मिलकर स्किन को प्रभावित करते हैं। आइए जानते हैं कि रैशेज और एलर्जी के पीछे कौन-कौन से छिपे कारण हैं, जिन पर लोग अक्सर ध्यान नहीं देते।

इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया

कई बार हमारी स्किन किसी साबुन, डिटर्जेंट, ज्वेलरी या कॉस्मेटिक के संपर्क में आते ही इरिटेशन दिखाती है। यह 'कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस' कहलाता है। इसमें त्वचा लाल, खुजलीदार और चकत्तेदार हो सकती है।

फंगल और वायरल इंफेक्शन

दाद, एथलीट फुट या किसी वायरल इंफेक्शन की वजह से भी रैशेज हो सकते हैं। ये संक्रमण बहुत तेजी से फैलते हैं और समय पर इलाज न हो तो तकलीफ बढ़ जाती है।

हीट रैश

गर्मी और पसीने की वजह से पसीने की ग्रंथियां ब्लॉक हो जाती हैं। इसका नतीजा होता है छोटे-छोटे लाल दाने, जिन्हें आमतौर पर 'घमौरियां' कहा जाता है।

विटामिन की कमी

अगर शरीर में विटामिन A या D की कमी हो तो स्किन जल्दी ड्राय हो जाती है और रैशेज की समस्या बढ़ जाती है। यह कमी त्वचा की प्राकृतिक हीलिंग प्रोसेस को भी धीमा कर देती है।

कैमिकल या खुशबू वाले प्रोडक्ट्स

परफ्यूम, लोशन या मेकअप प्रोडक्ट्स में मौजूद कैमिकल और खुशबूदार तत्व भी कई बार एलर्जी का कारण बन जाते हैं।

तो अगली बार जब स्किन पर अचानक रैशेज दिखें तो सिर्फ क्रीम या स्किनकेयर को दोष न दें। हो सकता है इसके पीछे इंफेक्शन, मौसम, विटामिन की कमी या इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया छिपी हो। समय रहते कारण को पहचानना और सही इलाज करना ही सबसे जरूरी है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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