Sleep Deprivation Effects: आज की तेज-रफ्तार जिंदगी और बदलती लाइफस्टाइल में कम सोना कई लोगों को “प्रोडक्टिव” होने का संकेत लग सकता है, लेकिन क्या सच में ऐसा है? हाल ही में आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव (Sadhguru Sleeping Time) ने एक बातचीत के दौरान अभिनेत्री आलिया भट्ट को बताया कि वह रोजाना केवल 4 से 5 घंटे ही सोते हैं। यह सुनकर जहां कुछ लोग हैरान हुए, वहीं इस बात की चर्चा भी होने लगी किय क्या इतना कम सोना स्वास्थ्य के लिए ठीक है? आज हम आपको बताएंगे कि कम सोने से आपकी सेहत पर कैसा असर होता है और कैसे करें इसके साइड इफेक्ट्स से बचाव?
शरीर की जरूरत है नींद
नींद को अक्सर आराम से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन असल में यह शरीर के लिए एक जरूरी “रिपेयर सिस्टम” है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए। इस दौरान दिमाग यादों को व्यवस्थित करता है, शरीर की कोशिकाएं रिपेयर होती हैं और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
कम नींद लेने के साइड इफेक्ट
रोजाना लंबे समय तक 4–5 घंटे की नींद लेना शरीर पर धीरे-धीरे नकारात्मक असर डाल सकता है। शुरुआत में यह केवल थकान या चिड़चिड़ापन लग सकता है, लेकिन लंबे समय में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
कम नींद लेने से ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत, काम की गुणवत्ता में गिरावट और याददाश्त कमजोर होना जैसे लक्षण दिखना आम बात है। इसके अलावा मूड स्विंग्स, तनाव और चिड़चिड़ापन भी नींद की कमी से बढ़ सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हार्ट रोग, मोटापा, ब्लड प्रेशर, और टाइप-2 डायबिटीज जैसे रोगों का खतरा नींद की कमी के कारण पैदा हो सकता है।

नींद की कमी के नुकसान
नींद की कमी का मेंटल हेल्थ पर असर
जी हां नींद का सीधा संबंध मेंटल हेल्थ से भी है। कम नींद लेने से तनाव बढ़ता है और एंग्जायटी व डिप्रेशन जैसी समस्याएं जन्म ले सकती हैं। इसके अलावा शरीर में “कॉर्टिसोल” यानी स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है, जिससे रोजमर्रा की चुनौतियों से निपटना मुश्किल हो जाता है।
अच्छी नींद लेने के लिए क्या करें?
बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण नींद के लिए रोज एक तय समय पर सोने और उठने की आदत डालें। सोने से पहले मोबाइल या स्क्रीन से दूरी बनाएं और कैफीन का सेवन कम करें। शांत और अंधेरे माहौल में सोना भी नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है।
