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देर तक बैठने के बाद पैरों में सुई चुभने जैसा एहसास क्यों होता है? डॉक्टर से जानिए इसके पीछे की वजह

Why Tingling In Legs After Sitting Long Time: क्या आपको भी अक्सर देर तक बैठने के बाद पैरों में सुई चुभने या झुनझुनी जैसा एहसास होता है? लेकिन क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों होता है, इसकी वजह क्या है? चलिए डॉक्टर से जानते हैं।

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देर तक बैठने के बाद पैरों में झुनझुनी और सुन्नपन होने की वजह

Why Tingling In Legs After Sitting Long Time: ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठे रहना, लंबा सफर करना या लगातार टीवी देखते रहना.. ऐसी स्थिति के बाद क्या कभी आपके पैरों में झुनझुनी या सुई चुभने जैसा एहसास हुआ है? कई बार पैर कुछ सेकंड के लिए सुन्न भी लगने लगते हैं। ज्यादातर लोग इसे मामूली बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या यह हमेशा सामान्य होता है? यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉ. सयुज कृष्णन एस बताते हैं कि अधिकतर मामलों में यह परेशानी लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से होती है और थोड़ी देर चलने-फिरने पर अपने आप ठीक हो जाती है। हालांकि अगर यह बार-बार होने लगे या इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखें, तो इसकी जांच करानी जरूरी हो सकती है।

लंबे समय तक बैठने पर ऐसा क्यों होता है

डॉ. सयुज कृष्णन एस के मुताबिक, जब हम काफी देर तक बिना हिले-डुले बैठे रहते हैं, तो पैरों की कुछ नसों पर दबाव पड़ने लगता है। इससे दिमाग और पैरों के बीच संदेश पहुंचने की रफ्तार कुछ समय के लिए प्रभावित हो जाती है। यही कारण है कि पैरों में झुनझुनी, सुई चुभने जैसा एहसास या हल्का सुन्नपन महसूस होता है। जैसे ही आप खड़े होकर थोड़ा चलते हैं या पैर सीधा करते हैं, दबाव कम हो जाता है और यह परेशानी कुछ मिनट में खत्म हो जाती है।

हर बार इसे सामान्य समझना ठीक नहीं

अगर पैरों में झुनझुनी बार-बार होने लगे, बिना देर तक बैठे भी महसूस होने लगे या काफी देर तक बनी रहे, तो इसके पीछे कोई दूसरी वजह भी हो सकती है। डॉक्टर के अनुसार, लंबे समय से शुगर की बीमारी होना, शरीर में विटामिन B12 की कमी, कमर की नस दबना या नसों से जुड़ी दूसरी समस्याएं भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं। इसलिए अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है, तो केवल घरेलू उपायों पर भरोसा करने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

इस समस्या से कैसे बचा जा सकता है

अगर आपका काम लंबे समय तक बैठकर करने का है, तो हर 30 से 60 मिनट में एक बार जरूर उठें। दो से पांच मिनट टहल लें या पैरों को हल्का स्ट्रेच करें। लंबे समय तक पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने से बचें। बैठते समय कमर और पैरों की सही स्थिति का ध्यान रखें। रोजाना थोड़ी देर पैदल चलना या हल्की एक्सरसाइज करना भी फायदेमंद रहता है। ये छोटी-छोटी आदतें नसों और रक्त संचार दोनों को बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए

अगर उठने और चलने के बाद भी पैरों की झुनझुनी खत्म नहीं हो रही, यह पहले से ज्यादा बढ़ती जा रही है या इसके साथ पैरों में कमजोरी, तेज दर्द, चलने में दिक्कत या संतुलन बिगड़ने जैसी परेशानी भी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। जिन लोगों को पहले से डायबिटीज, विटामिन की कमी या कमर से जुड़ी समस्या है, उन्हें ऐसे लक्षण दिखने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

डॉक्टर की सलाह

डॉ. सयुज कृष्णन एस कहते हैं कि लंबे समय तक बैठने के बाद पैरों में सुई चुभने जैसा एहसास होना अक्सर सामान्य होता है, लेकिन अगर यह बार-बार होने लगे या लंबे समय तक बना रहे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर जांच और रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है।

डिस्क्लेमर:

यह लेख डॉ. सयुज कृष्णन एस, कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन, यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद द्वारा दी गई विशेषज्ञ जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी देना है। यदि आपके लक्षण लगातार बने रहें या बढ़ने लगें, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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