हेल्थ

मांसाहार करने वाले मानसून में जरूर रखें इन बातों का ध्यान, छोटी सी भूल से हो सकता है बड़ा नुकसान

स्वाद का असली आनंद तभी है, जब वह आपकी सेहत के साथ भी न्याय करे। बारिश के मौसम में थोड़ी सी सावधानी आपको फूड पॉइजनिंग और कई मौसमी संक्रमणों से बचा सकती है।

Image

मानसून में मांसाहार करने वाले रखें इन बातों का ध्यान (Photo: iStock)

Monsoon health tips for non vegetarians: मानसून बारिश की फुहारों के साथ ही बैक्टीरिया, फंगस और फूड पॉइजनिंग का खतरा भी लेकर आता है। खासकर जो लोग मांसाहार करते हैं, उन्हें बारिश के मौसम में अपनी खानपान की आदतों को लेकर थोड़ा ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस मौसम में तापमान और नमी का स्तर ऐसा होता है, जिससे मांस, मछली और चिकन जैसी चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है:

हमेशा ताजा मांस ही खरीदें

मानसून में सबसे पहली सावधानी यही है कि चिकन, मटन या मछली हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें। अगर मांस से अजीब गंध आ रही हो, उसका रंग बदला हुआ लगे या वह जरूरत से ज्यादा चिपचिपा महसूस हो, तो उसे बिल्कुल न खरीदें।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: कोलकाता के लोग बिरयानी में अंडे क्यों डालते हैं?

अधपका नॉनवेज खाने से बचें

बारिश के मौसम में कच्चे या अधपके मांस में मौजूद बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं। इसलिए चिकन, मटन और सी-फूड को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। बीच से गुलाबी या कच्चा रह गया मांस संक्रमण का कारण बन सकता है।

स्ट्रीट फूड में नॉनवेज सोच-समझकर खाएं

मानसून में सड़क किनारे मिलने वाले कबाब, फिश फ्राई या चिकन रोल स्वादिष्ट जरूर लगते हैं, लेकिन अगर उन्हें साफ-सफाई के बिना तैयार किया गया हो, तो फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इस मौसम में ऐसी जगहों से खाने से बचना बेहतर है, जहां स्वच्छता को लेकर संदेह हो।

फ्रिज में सही तरीके से स्टोर करें

अगर नॉनवेज तुरंत नहीं बनाना है, तो उसे लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न छोड़ें। खरीदने के बाद जल्द से जल्द फ्रिज या फ्रीजर में रखें। एक बार डीफ्रॉस्ट किए गए मांस को दोबारा फ्रीज करने से भी बचें।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: ब्रेड से बनी ये मिठाई क्यों कहलाती है शाही टुकड़ा

किचन की साफ-सफाई का रखें ध्यान

कच्चे मांस को काटने के लिए इस्तेमाल किए गए चाकू, कटिंग बोर्ड और बर्तनों को तुरंत गर्म पानी और साबुन से धोएं। इन्हीं बर्तनों का इस्तेमाल बिना धोए सलाद या दूसरी चीजें काटने में करने से संक्रमण फैल सकता है।

सी फूड में रखें अतिरिक्त सावधानी

बारिश के मौसम में कई जगहों पर समुद्री मछलियों की क्वालिटी खराब हो सकती है। यही कारण है कि कुछ राज्यों में मानसून के दौरान मछली पकड़ने पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया जाता है। ऐसे में सी-फूड खरीदते समय उसकी ताजगी और स्रोत पर विशेष ध्यान दें।

शरीर की प्रतिक्रिया को नजरअंदाज न करें

अगर नॉनवेज खाने के बाद उल्टी, दस्त, तेज पेट दर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य अपच समझकर नजरंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

मौसम बदला है, खानपान भी बदलिए

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि मानसून में नॉनवेज खाना छोड़ देना चाहिए। जरूरत सिर्फ इतनी है कि खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और पकाने के तरीके पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। क्योंकि स्वाद का असली आनंद तभी है, जब वह आपकी सेहत के साथ भी न्याय करे। बारिश के मौसम में थोड़ी सी सावधानी आपको फूड पॉइजनिंग और कई मौसमी संक्रमणों से बचा सकती है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article