Mosquito Repellent Sheets In Hindi: गर्मी और बरसात के दिनों में मच्छरों से बचना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। कोई कॉइल जलाता है तो कोई इलेक्ट्रिक मशीन का सहारा लेता है, लेकिन इन सबमें या तो धुआं होता है या बिजली की खपत। ऐसे में अब एक नया वैज्ञानिक उपाय सामने आया है, जिसमें न धुआं होगा और न ही बिजली का झंझट। WHO द्वारा समर्थित इस नए तरीके ने मच्छरों को भगाने में 50% तक असरदार परिणाम दिए हैं। आइए जानते हैं आखिर क्या है यह नई खोज और कैसे यह हमारी जिंदगी को आसान बना सकती है।
स्पेशियल रिपेलेंट शीट क्या है
वैज्ञानिकों ने एक खास तरह की स्पेशियल रिपेलेंट शीट बनाई है, जो कागज जितनी पतली होती है। यह शीट धीरे-धीरे हवा में सुरक्षित वाष्प छोड़ती है और मच्छरों को उस जगह से दूर रखती है। इसमें न आग की जरूरत है और न ही बिजली की, यही वजह है कि इसे आधुनिक और सुविधाजनक उपाय माना जा रहा है।
मच्छरों के काटने का खतरा आधा
रिपोर्ट के मुताबिक इस नई तकनीक से मच्छरों के काटने की घटनाओं में 50% से ज्यादा की कमी देखी गई है। यानी जहां पहले मच्छर आसानी से हमला कर लेते थे, वहीं अब यह शीट उन्हें पास आने ही नहीं देती।
मलेरिया से बचाव में कारगर
अध्ययन में यह भी सामने आया कि इन शीट्स के इस्तेमाल से मलेरिया संक्रमण में लगभग एक-तिहाई तक की कमी आई। अगर इसे मच्छरदानी या अन्य सुरक्षा तरीकों के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाए तो यह और भी ज्यादा असरदार साबित हो सकता है।
धुआं और बिजली से राहत
अब तक हम जो उपाय करते आए हैं, उनमें धुएं से सांस लेने में परेशानी और बिजली की लगातार खपत जैसी दिक्कतें शामिल थीं। लेकिन इस नए उपाय में न तो धुआं उठेगा और न ही बिजली की जरूरत पड़ेगी, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए भी ज्यादा सुरक्षित है।
बाहर और अंदर दोनों जगह असरदार
स्पेशियल रिपेलेंट शीट का असर केवल घर के अंदर ही नहीं बल्कि बाहर खुले स्थानों पर भी देखा गया है। यही वजह है कि इसे ग्रामीण इलाकों और बिजली की कमी वाले क्षेत्रों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
WHO का समर्थन
इस नई खोज को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का समर्थन मिला है। इसका मतलब है कि इसे भविष्य में बड़े पैमाने पर लागू किया जा सकता है और मलेरिया व डेंगू जैसे रोगों से बचाव में यह बड़ी भूमिका निभा सकता है।
मच्छरों से बचाव के लिए अब हमें धुएं और बिजली पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं। WHO समर्थित यह स्पेशियल रिपेलेंट शीट एक आसान, सुरक्षित और किफायती उपाय के रूप में सामने आई है। अगर इसे व्यापक स्तर पर अपनाया जाए तो मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों पर लगाम लगाना और भी आसान हो सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
