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PTSD Awareness Day : क्या होता है PTSD, क्या बार-बार बुरे सपने आना भी है इसका संकेत

किसी दर्दनाक घटना के बाद लंबे समय तक डर, घबराहट या बार-बार बुरे सपने आना PTSD का संकेत हो सकता है। समय रहते इसके लक्षण पहचानना और सही इलाज लेना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

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PTSD Awareness Day

हर व्यक्ति जीवन में कभी न कभी किसी कठिन या दर्दनाक घटना का सामना करता है। लेकिन कुछ लोगों के लिए यह अनुभव लंबे समय तक मन और दिमाग पर गहरा असर छोड़ देता है। ऐसी स्थिति को पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर यानी PTSD कहा जाता है। यह केवल युद्ध या बड़ी दुर्घटनाओं से जुड़े लोगों को ही नहीं, बल्कि सड़क हादसे, घरेलू हिंसा, शारीरिक या मानसिक शोषण जैसी घटनाओं का सामना करने वाले किसी भी व्यक्ति को हो सकता है।

PTSD होने पर व्यक्ति बार-बार उसी घटना को याद करता है, डर महसूस करता है या बुरे सपनों से परेशान रहता है। कई लोग इन संकेतों को सामान्य तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। PTSD Awareness Day के मौके पर आसान भाषा में समझिए PTSD क्या होता है, इसके लक्षण और संकेत क्या होते हैं।

क्या होता है PTSD?

PTSD यानी पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर एक मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्या है। यह किसी ऐसी घटना के बाद हो सकती है जिसने व्यक्ति को बहुत ज्यादा डरा दिया हो, झकझोर दिया हो या इमोशनल रूप से गहरी चोट पहुंचाई हो। इसके लक्षण कई हफ्तों या महीनों तक बने रह सकते हैं। जिसे आमतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए।

क्या बार-बार बुरे सपने आना इसका संकेत है?

अगर किसी दर्दनाक घटना के बाद बार-बार उसी घटना से जुड़े बुरे सपने या ख्याल आने लगें, नींद टूट जाए या घबराहट महसूस हो, तो यह PTSD का एक सामान्य लक्षण हो सकता है। हालांकि केवल बुरे सपने आने का मतलब हमेशा PTSD नहीं होता। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

PTSD के सामान्य लक्षण

  • बार-बार दर्दनाक घटना याद आना
  • बुरे सपने या बेचैन नींद
  • छोटी-छोटी बातों पर घबराहट या डर लगना
  • गुस्सा, चिड़चिड़ापन या बेचैनी बढ़ जाना
  • लोगों से दूरी बनाना और अकेले रहना
  • फोकस करने में परेशानी होना

PTSD वैसे तो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। लेकिन सड़क दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा, हिंसा, गंभीर बीमारी, किसी करीबी की अचानक मृत्यु या किसी दर्दनाक अनुभव के बाद इसका खतरा बढ़ सकता है।

कब लें डॉक्टर की मदद?

बता दें कि, PTSD का इलाज संभव है। आपको या आपके किसी करीबी में यदि इस प्रकार के लक्षण एक महीने से ज्यादा समय तक बने रहें।तो काउंसलिंग, थेरेपी या बहुत जरूरत पड़ने पर दवाओं की मदद ली जा सकती है।

Avni Bagrola
अवनि बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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