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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लगाई पुलिस थानों को फटकार, कहा- 365 दिन 24 घंटे चालू रखने होंगे CCTV, खराब होने पर GD में दर्ज करनी होगी डिटेल

Allahabad High Court CCTV Guidelines: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस थानों में CCTV निगरानी व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए इसे 24 घंटे और साल के 365 दिन चालू रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि CCTV खराब होने की स्थिति में हिरासत में लिए गए या पूछताछ के लिए लाए गए हर व्यक्ति की पूरी जानकारी तत्काल जनरल डायरी में दर्ज की जाए।

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पुलिस थानों में CCTV को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त

Photo : PTI

Allahabad High Court CCTV Guidelines: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस थानों में CCTV व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि पुलिस थानों में सीसीटीवी साल के सभी 365 दिन चौबीसों घंटे चालू रहनी चाहिए और जब यह निगरानी व्यवस्था काम न कर रही हो तो पुलिस को कुछ सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए। उसने कहा कि अगर सीसीटीवी काम नहीं कर रही है तो ऐसी स्थिति में पूछताछ के लिए लाए गए या गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों का विवरण तत्काल जनरल डायरी में दर्ज किया जाना चाहिए।

अवैध हिरासत के लिए मुआवजा दिए जाने का आदेश

अदालत ने कहा, "इस मामले के तथ्य प्रथम दृष्टया स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता की ओर से वसूली एजेंट की तरह काम किया।" न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की पीठ ने राघवेंद्र दुबे और एक अन्य व्यक्ति की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। पीठ ने केवल पुलिसकर्मियों को गवाह बनाकर तैयार किए गए कई खामियों वाले गिरफ्तारी ज्ञापन के कारण याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी रद्द करते हुए उसे रिहा करने और 24 घंटे की अवैध हिरासत के लिए 10,000 रुपये मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया।

CCTV के खराब होने का सटीक समय दर्ज करना होगा

अदालत ने निर्देश दिया कि अगर सीसीटीवी प्रणाली विफल होती है तो थाना प्रभारी को जीडी में उसके खराब होने का सटीक समय दर्ज करना होगा और उस अधिकारी का नाम भी लिखना होगा जिसे इसकी जानकारी लिखित रूप में दी गई और जिले के पुलिस अधीक्षक को भी इसकी सूचना देनी होगी ताकि प्रणाली को यथाशीघ्र ठीक कराया जा सके और मरम्मत के लिए उठाए गए कदमों का रिकॉर्ड रखा जा सके। अदालत ने कहा, इस मामले का एक और चिंताजनक पहलू, जिस पर इस अदालत को ध्यान देना चाहिए, वह यह है कि बार-बार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिनमें पुलिस थाने के परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की जाती है।’’

साल के 365 दिन चौबीसों घंटे चालू रहने चाहिए CCTV

पीठ ने कहा कि सीसीटीवी के काम न करने की अवधि में हर संदिग्ध के थाने में आने और जाने का समय तथा उससे की गई पूछताछ का विवरण जीडी में दर्ज किया जाना चाहिए। रिहाई के समय संबंधित व्यक्ति या उसके निकट संबंधी से हस्ताक्षरयुक्त रसीद भी ली जानी चाहिए। अदालत ने 23 सितंबर को दिए अपने आदेश में निर्देश दिया कि पुलिस थानों के अंदर लगी सीसीटीवी प्रणालियां साल के 365 दिन चौबीसों घंटे चालू रहनी चाहिए। याचिकाकर्ता के मुताबिक, रेत खनन समझौते के विवाद की वजह से उसे आसनसोल से अवैध रूप से हिरासत में लेकर चित्रकूट में सरधुवा थाने लाया गया।

राज्य सरकार के वकील ने दी क्या दलील?

राज्य सरकार के वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद गैर-जमानती वारंट जारी होने पर उसे गिरफ्तार किया गया था। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि याचिकाकर्ता ने 13 जुलाई 2026 को सुबह नौ बजे थाने में प्रवेश किया और वह सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर जांच अधिकारी के साथ शिकायतकर्ता के वाहन में वहां से निकला तथा रात आठ बजकर 24 मिनट पर वापस लौटा। हालांकि गिरफ्तारी ज्ञापन में उसकी गिरफ्तारी अपराह्न साढ़े तीन बजे दिखाई गई और जीडी में उसका हवालात में प्रवेश शाम छह बजकर 41 मिनट पर दर्ज किया गया। थाने के भीतर लगे तीन कैमरों की सीसीटीवी फुटेज या तो उपलब्ध नहीं थी या उसे मिटा दिया गया था।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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