Navjot Singh Sidhu Wife Cancer Diet: पूर्व लोकसभा सदस्य और क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी ने हाल ही स्टेज 4 कैंसर को मात दी है। वह कैंसर से जंग जीत गई हैं। सिद्धू ने हाल में अपनी पत्नी के कैंसर से जंग को लेकर काफी कुछ शेयर किया था। उन्होंने बताया कि कैंसर से जंग जीतने में मेरी पत्नी नवजोत कौर की डाइट ने बहुत मदद की। सिद्धू का कहना है कि कुछ देसी चीजों ने कैंसर से लड़ने में बहुत मदद की। डाइट में नींबू पानी, तुलसी, कच्ची हल्दी, नीम के पत्ते आदि शामिल करने से कैंसर को मात देने में मदद मिली। सिद्धू का कहना है कि उनकी पत्नी का कैंसर काफी आगे बढ़ गया था।
स्टेज 4 कैंसर का पता चलने के बाद डॉक्टर ने भी उपचार की उम्मीद छोड़ दी थी। उनके जीवित रहने की उम्मीद सिर्फ 3 प्रतिशत थी, लेकिन डाइट में बदलाव और कुछ देी चीजों की मदद से नवजोत कौर कैंसर को हराने में सफल रहीं। लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू के इस दावे को लेकर डॉक्टर के बीच काफी आलोचना हो रही है। डॉक्टर का कहना है कि सिर्फ डाइट की मदद से कैंसर को ठीक नहीं किया जा सकता। कैंसर से जंग लड़ने में डाइट का कितना महत्व है और कैंसर के उपचार को लेकर डॉक्टर क्या कहते हैं, यहां जानें सबकुछ..
नवजोत सिंह सिद्धू का दावे को किया खारिज
सिद्धू का कहना है कि क्यूरेटेड आहार लेने के बाद नवजोत कौर स्टेज 4 टर्मिनल कैंसर से पूरी तरह से ठीक हो गईं, डॉक्टरों ने नवजोत सिंह सिद्धू के दावों को खारिज कर दिया है। सिद्धू ने बताया कि उनकी पत्नी जीवित रहने की केवल 3 प्रतिशत संभावना दी गई थी। उन्होंने पत्नी के आहार से चीनी और कार्ब्स को हटा दिया। उन्हें ठीक होने के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स दिए। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अकेले आहार मेटास्टेटिक कैंसर को मैनेज नहीं कर सकता है। यह केवल सहायक उपचार का हिस्सा बन सकता है।
इलाज में मदद करता है आहार
“डॉ. सुषमा सुमित, बीएएमएस, एमडी, आयुर्वेद चिकित्सक और आईसीटीआरसी पुणे इंटीग्रेटेड कैंसर ट्रीटमेंट एंड रिसर्च सेंटर में सीनियर रिसर्च फेलो ने टाइम्स नाउ को बताया कि इस क्षेत्र में कोई भी निष्कर्ष आम तौर पर उनके व्यक्तिपरक परिणामों पर आधारित होता है, जैसे कि व्यक्तिगत अनुभवों से। चूंकि हर किसी के शरीर की संरचना अलग-अलग होती है, इसलिए एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड कैंसर के सभी चरणों में प्रभावी नहीं हो सकते हैं।
डॉ. साइरिक एबे फिलिप्स, जिन्हें लिवर डॉक के नाम से भी जाना जाता है का कहना है कि "इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कोई विशिष्ट आहार, जड़ी-बूटी या आयुर्वेदिक बाल्डरडैश कैंसर को रोक सकता है, नियंत्रित कर सकता है या ठीक कर सकता है।" “यह सिर्फ स्टेज 4 कैंसर के प्रबंधन में सहायक उपचार का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, ऐसा कोई बड़े पैमाने का अध्ययन नहीं है जो बताता हो कि अकेले हर्बल दवा और आहार मेटास्टेटिक कैंसर को नियंत्रित कर सकते हैं।
ऐसी थी नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी की कैंसर डाइट - Navjot Singh Singh Sidhu Wife's Cancer Diet In Hindi
सिद्धू ने बताया कि उनकी पत्नी ने इलाज के लिए स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो की, जिससे उन्हें काफी हद तक ठीक होने में मदद मिली। नवजोत कौर के दैनिक भोजन में कच्ची हल्दी और एप्पल साइडर विनेगर खाने के साथ-साथ नींबू पानी पीना भी शामिल था। उन्हें नीम की पत्तियां और तुलसी का सेवन कराया गया। खट्टे फल और कद्दू, अनार, गाजर, आंवला, चुकंदर और अखरोट से बने जूस भी उनके आहार का हिस्सा थे।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
