Low Stomach Acid And Anemia: अगर आप लंबे समय से आयरन की गोलियां खा रहे हैं, हरी सब्जियां, दाल और दूसरी आयरन वाली चीजें भी खा रहे हैं, लेकिन फिर भी रिपोर्ट में आयरन की कमी बनी हुई है, तो सिर्फ खाने को इसका दोष देना सही नहीं होगा। कई बार परेशानी इस बात की नहीं होती कि आप कितना आयरन ले रहे हैं, बल्कि इस बात की होती है कि आपका शरीर उसे अपना भी पा रहा है या नहीं। हेल्थ इंफ्लुएंसर, न्यूट्रिशनिस्ट और फिटनेस कोच अक्षय एस शेट्टी के मुताबिक, इसके पीछे पेट में बनने वाले एसिड की कमी भी एक वजह हो सकती है। आइए जानते हैं यह कैसे आपके आयरन के अवशोषण में बाधा बनती है।
हर बार कमी की वजह डाइट नहीं होती
अक्सर जब किसी की रिपोर्ट में आयरन कम आता है, तो उसे ज्यादा आयरन खाने या सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन अगर महीनों बाद भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, तो सिर्फ आयरन की मात्रा बढ़ाने से काम नहीं चलेगा। पहले यह समझना जरूरी है कि शरीर उस आयरन का इस्तेमाल कर भी पा रहा है या नहीं।
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पेट का एसिड क्या काम करता है
हमारे पेट में एक तरह का प्राकृतिक एसिड बनता है, जो खाने को पचाने में मदद करता है। यही एसिड खाने और सप्लीमेंट से मिलने वाले आयरन को ऐसे रूप में बदलता है, जिसे शरीर आसानी से अपना सके। अगर यह एसिड कम बने, तो आयरन शरीर में ठीक से नहीं पहुंच पाता। ऐसे में अच्छा खाना खाने और दवा लेने के बाद भी कमी बनी रह सकती है।
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बार-बार कम आ रहा आयरन तो कारण जानना जरूरी
अगर आपकी रिपोर्ट में बार-बार आयरन या शरीर में जमा होने वाला आयरन (फेरिटिन) कम आ रहा है, तो सिर्फ दवा की मात्रा बढ़ाना सही तरीका नहीं है। एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसे मामलों में यह भी पता लगाना चाहिए कि कहीं शरीर आयरन को सही तरीके से अपना नहीं पा रहा है।
बिना सलाह के दवा बढ़ाना ठीक नहीं
एक्सपर्ट कहते हैं अगर लंबे समय से थकान रहती है और आयरन की कमी ठीक नहीं हो रही है, तो खुद से सप्लीमेंट की मात्रा न बढ़ाएं। डॉक्टर से सलाह लें और जरूरत हो तो यह भी जांच करवाएं कि कहीं समस्या पेट से जुड़ी तो नहीं है। सही वजह पता चलने पर ही सही इलाज संभव है। इसलिए सिर्फ आयरन खाना ही नहीं, उसका शरीर में सही तरीके से पहुंचना भी उतना ही जरूरी है।
