Heatwave Health Risks: दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी अब सिर्फ असहजता तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। आमतौर पर लोग गर्मी को केवल हीट स्ट्रोक से जोड़कर देखते हैं, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो इसका असर शरीर की मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों पर भी खतरनाक रूप से पड़ रहा है। मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दीपक अरोड़ा के अनुसार, एक्सट्रीम हीट शरीर के अंदर कई ऐसी जटिल स्थितियां पैदा कर सकती है, जिन्हें अगर समय रहते पहचाना न जाए, तो वे मेडिकल इमरजेंसी में बदल सकती हैं। इस लेख में डॉक्टर से जानें भीषण गर्मी में कुछ हीटस्ट्रोक के कुछ लक्षण (Heatwave Warning Signs)...
हीट स्ट्रोक के साथ मांसपेशियों पर भी अटैक
तेज गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला सिस्टम प्रभावित हो जाता है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा तो बढ़ता ही है, इसके साथ ही मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जिसके चलते शरीर में कमजोरी, जकड़न (stiffness) और लगातार दर्द जैसी समस्याएं उभरने लगती हैं।
मसल डैमेज का खतरा
गर्मी में अधिक पसीना आने से शरीर से पानी के साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम आदि) भी निकल जाते हैं। यह असंतुलन मांसपेशियों को सीधे प्रभावित करता है, जिससे मसल क्रैम्प्स, कमजोरी और गंभीर मामलों में मसल डैमेज तक हो सकता है।
रैब्डोमायोलिसिस: छुपा हुआ खतरनाक खतरा
डॉ. अरोड़ा चेतावनी देते हैं कि गंभीर डिहाइड्रेशन और मसल डैमेज की स्थिति में रैब्डोमायोलिसिस (Rhabdomyolysis) नाम की खतरनाक बीमारी विकसित हो सकती है। इसमें मांसपेशियां टूटने लगती हैं और उनका टॉक्सिक पदार्थ खून के जरिए किडनी तक पहुंचकर किडनी को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
इसके प्रमुख लक्षण हैं:
- मांसपेशियों में असहनीय दर्द
- अत्यधिक कमजोरी और थकान
- पेशाब का रंग गहरा (डार्क ब्राउन या कोला जैसा)
जिम और आउटडोर एक्टिविटी करने वालों के लिए चेतावनी
जो लोग नियमित रूप से वर्कआउट या धूप में फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, उनके लिए खतरा और ज्यादा है।
- सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच एक्सरसाइज से बचें।
- शरीर को पूरी तरह हाइड्रेट रखें।
- जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक लें।
- मसल क्रैम्प्स को नजरअंदाज न करें।
बढ़ सकता है गाउट अटैक का खतरा
डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है, जिससे गाउट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसमें जोड़ों में अचानक तेज दर्द, सूजन और जलन महसूस होती है।
कैसे करें बचाव?
भीषण गर्मी में शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इस दौरान आप अपने बचाव के लिए कुछ जरूरी बातें नोट कर सकते हैं।
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- ORS या इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें
- धूप में निकलने से बचें
- हल्का और संतुलित भोजन लें
- शरीर में किसी भी असामान्य लक्षण को तुरंत गंभीरता से लें।
यदि आपको ऐसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि देर से इलाज मिलने और इलाज में लापरवाही करने पर यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
