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घंटों को पेशाब रोककर रखना है क्यों है खतरनाक, किडनी पर कैसा पड़ता है असर

  • Authored by: Vineet
  • Updated Feb 16, 2026, 06:30 AM IST

Holding pee for too long side effects: क्या आप भी घंटों तक पेशाब रोककर रखते हैं? यह आदत किडनी और मूत्राशय दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बार-बार पेशाब रोकने से ब्लैडर पर दबाव बढ़ता है, संक्रमण का खतरा रहता है और गंभीर मामलों में किडनी तक असर पहुंच सकता है। चलिए डॉक्टर से ही पेशाब रोकने के नुकसान जानते हैं...

पेशाब ज्यादा देर रोकना किडनी को पहुंचाता नुकसान

पेशाब ज्यादा देर रोकना किडनी को पहुंचाता नुकसान

Holding pee for too long side effects: हम में से कई लोग काम, सफर या मीटिंग के चक्कर में घंटों तक पेशाब रोककर रखते हैं। उस समय लगता है कि थोड़ी देर और रुक जाते हैं, लेकिन यही आदत धीरे-धीरे शरीर के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। हमारी किडनी दिन-रात खून को साफ करके पेशाब बनाती है, ताकि शरीर के टॉक्सिन बाहर निकल सकें। अगर हम बार-बार इस प्राकृतिक प्रक्रिया को रोकते हैं, तो इसका असर सीधे मूत्राशय और किडनी पर पड़ता है। फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग में कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. भानू मिश्रा के अनुसार पेशाब को लंबे समय तक रोकना एक छोटी सी आदत नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी समस्या बन सकती है। आइए समझते हैं कि यह आदत किडनी पर कैसा असर डालती है।

किडनी और ब्लैडर पर बढ़ता है दबाव

किडनी खून को फिल्टर करके पेशाब बनाती हैं और यह पेशाब मूत्राशय में जमा होता है। जब ब्लैडर भर जाता है तो शरीर संकेत देता है कि अब पेशाब कर लेना चाहिए। अगर हम इस संकेत को नजरअंदाज करते हैं, तो ब्लैडर की दीवारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डॉ भानु मिश्रा बताते हैं कि बार-बार ऐसा करने से ब्लैडर की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और आगे चलकर पेशाब पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता।

यूरिन इंफेक्शन का बढ़ता खतरा

पेशाब को ज्यादा देर तक रोककर रखने से बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिलता है। सामान्य रूप से पेशाब के जरिए ये बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं, लेकिन देर करने पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इससे जलन, दर्द और बार-बार पेशाब आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर समय पर इलाज न हो तो यह संक्रमण ऊपर की ओर बढ़कर किडनी तक पहुंच सकता है।

किडनी पर सीधा असर

जब ब्लैडर में बहुत ज्यादा दबाव बनता है, तो उसका असर किडनी तक पहुंच सकता है। गंभीर मामलों में किडनी में सूजन या उनकी कार्यक्षमता पर असर पड़ सकता है। डॉ मिश्रा के अनुसार, जिन लोगों को पहले से किडनी से जुड़ी समस्या है, उन्हें तो खासतौर पर इस आदत से बचना चाहिए।

टॉक्सिन बाहर निकलने की प्रक्रिया में रुकावट

हम पानी इसलिए पीते हैं ताकि शरीर के अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकल सकें। लेकिन अगर हम समय पर पेशाब नहीं करते, तो यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इससे पेशाब का रंग गाढ़ा, बदबूदार या जलन वाला हो सकता है। ये संकेत बताते हैं कि शरीर सामान्य तरीके से काम नहीं कर पा रहा है।

कब समझें कि डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर पेशाब में तेज जलन, अचानक दर्द, बुखार या कमर के पीछे दर्द महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। ये किडनी संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

समय पर पेशाब करना एक छोटी सी आदत है, लेकिन यही आदत आपकी किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती है।

Expert Views By: डॉ. भानू मिश्रा फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग (दिल्ली) में कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट और किडनी रोग विशेषज्ञ हैं। उनको लगभग 20 साल का अनुभाव है।

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विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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