ओडिशा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद उत्तरी जिलों में बाढ़ की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। राज्य का बालासोर जिला इस बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। नदियों के उफान पर आने से सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 41,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचा दिया है।
6 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित, 429 गांवों में घुसा पानी
सरकारी आंकड़ों और रिपोर्ट्स के अनुसार, ताजा बारिश के कारण ओडिशा के 6 प्रमुख जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बालासोर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, सुंदरगढ़ और क्योंझर जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन जिलों के 52 ब्लॉकों के करीब 429 गांव पूरी तरह या आंशिक रूप से जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर पानी भर जाने से कई गांवों का संपर्क कट गया है, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
झारखंड में बारिश से बढ़ेगा जलस्तर: बालासोर डीएम
बालासोर के जिलाधिकारी (DM) सूर्यवंशी मयूर विकास ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि रेमुना ब्लॉक, बालासोर सदर ब्लॉक, बाहानगा और बस्ता के इलाके बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित हैं। सूर्यवंशी ने कहा कि "पड़ोसी राज्य झारखंड में लगातार बारिश हो रही है, जिससे उत्तरी ओडिशा की नदियों में और अधिक पानी आने की आशंका है। हमने सभी अधिकारियों को ग्राउंड पर तैनात कर दिया है। हमारी प्राथमिक प्राथमिकता हर प्रभावित व्यक्ति तक भोजन और पीने का साफ पानी पहुंचाना है। मेडिकल टीमों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।"
79 रेस्क्यू टीमें तैनात, IMD और CWC की चेतावनी
बाढ़ से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन ने ताकत झोंक दी है। NDRF, ODRAF और फायर ब्रिगेड की कुल 79 बचाव टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने ओडिशा के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए 11 जिलों में अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से लगातार सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की अपील की है।
