Sunny Deol Fitness Secret: बॉलीवुड सुपरस्टार सनी देओल 68 वर्ष की उम्र में भी अपनी जबरदस्त फिटनेस से हर किसी को हैरान कर देते हैं। 90 के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्मों से ही अपनी मस्कुलर बॉडी से पहचान बनाने वाले सनी पाजी आज भी बेहद एक्टिव हैं। जहां आज का बॉलीवुड क्रैश डाइट और स्ट्रिक्ट कैलोरी-काउंटिंग पर निर्भर है, वहीं सनी देओल का फिटनेस फॉर्मूला पूरी तरह अनुशासित जीवनशैली और संतुलन पर टिका है। अपनी फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के सिलसिले में दिए एक इंटरव्यू में अपनी फिटनेस और डाइट रूटीन को लेकर कई बातें शेयर की हैं।
सुबह 4:30 बजे उठना और 1-2 घंटे का वर्कआउट
अपनी फिटनेस का राज साझा करते हुए सनी देओल कहते हैं कि उन्हें सुबह जल्दी उठने की आदत हमेशा से रही है। वह सुबह 4:30 से 5:00 बजे के बीच उठ जाते हैं। सुबह उठते ही मैं वर्कआउट करते हैं, जिससे पूरे दिन शरीर में एड्रेनालाईन और पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है।
सनी बिना किसी दबाव के अपने वर्कआउट में कार्डियो और वेट ट्रेनिंग दोनों को शामिल करते हैं। उनका कहना है कि उनका मकसद किसी और की तरह दिखना या बहुत भारी शरीर बनाना नहीं है, बल्कि 1 से 2 घंटे पसीना बहाकर स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करना है।
न कोई स्ट्रिक्ट डाइट, न क्रैश डाइटिंग
जहां आज के समय में लोग तली-भुनी चीजों और फैट से तौबा कर लेते हैं, वहीं सनी देओल का नजरिया काफी अलग और देसी है। वह खुद कबूलते हैं कि वह खाने-पीने के शौकीन हैं और कठिन डाइटिंग उनके बस की बात नहीं है। सनी देओल कहते हैं कि मैं कभी-कभी डाइटिंग के बारे में सोचता तो हूं, लेकिन अगर सामने समोसा या देसी घी लगा पराठा आ जाए, तो मैं खुद को रोक नहीं पाता और खा लेता हूं।
एक्सपर्ट्स की राय और स्वास्थ्य सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सनी देओल का यह तरीका दिखाता है कि अगर आप रोजाना कड़ा व्यायाम करते हैं, तो अपनी पसंद के व्यंजनों का सीमित मात्रा में आनंद लेते हुए भी सेहतमंद रह सकते हैं। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशानिर्देशों के अनुसार, संतुलित आहार में कुल कैलोरी का 30% से कम फैट होना चाहिए। इसके साथ ही डेली डाइट में कम से कम 400 ग्राम फल व सब्जियां और नमक की मात्रा 5 ग्राम से कम रखने की सलाह दी जाती है।
कुल मिलाकर सनी देओल की फिटनेस यह साबित करती है कि उम्र केवल एक संख्या है। अगर जीवन में अनुशासन, सुबह का वर्कआउट और सकारात्मक सोच हो, तो बिना मन मारे भी एक लंबा और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
