हेल्थ

Jr NTR के कंधे की हुई सर्जरी, जानें आर्थ्रोस्कोपी क्या है और ठीक होने में कितना समय लगता है?

साउथ सुपरस्टार Jr NTR की कंधे की सर्जरी के बाद रिकवरी को लेकर चर्चा तेज है। जानिए आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी क्या होती है, ठीक होने में कितना वक्त लगता है, फिजियोथेरेपी कैसे धीरे-धीरे कंधे की ताकत लौटाने में मदद करती है।

Image

Jr NTR undergoes Shoulder Surgery

कंधे में चोट लगने के बाद सिर्फ दर्द कम होना ही पूरी रिकवरी नहीं माना जाता। कंधे का जोड़ शरीर के सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले जोड़ों में से एक है, इसलिए इसकी सर्जरी के बाद वापसी भी धीरे-धीरे होती है। अभिनेता जूनियर एनटीआर की कंधे की आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद अब उनका फोकस रिकवरीऔर रिहैबिलिटेशन पर है। उनकी सर्जरी की सटीक वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है, इसलिए किसी खास चोट का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।

हालांकि, उनका मामला आर्थ्रोस्कोपिक शोल्डर सर्जरी को समझने का एक अच्छा मौका जरूर देता है। आखिर यह सर्जरी होती क्या है? इसमें डॉक्टर क्या करते हैं और सर्जरी के बाद कोई व्यक्ति कब अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है? सबसे जरूरी बात यह है कि कंधे की सर्जरी के बाद जल्दबाजी अक्सर मदद के बजाय परेशानी बढ़ा सकती है। रिकवरी में आराम, सही एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह, तीनों का अपना महत्व होता है।

आर्थ्रोस्कोपिक कंधे की सर्जरी क्या होती है?

आर्थ्रोस्कोपी को आसान भाषा में समझें तो इसमें डॉक्टर कंधे के अंदर की स्थिति देखने और जरूरत के अनुसार इलाज करने के लिए एक छोटे कैमरे का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए बड़े चीरे की जगह कुछ छोटे कट लगाए जाते हैं। कैमरे से कंधे के अंदर की तस्वीर स्क्रीन पर दिखाई देती है। इसके बाद समस्या के अनुसार डॉक्टर डैमेज्ड टिश्यू की मरम्मत या दूसरे जरूरी ट्रिटमेंट कर सकते हैं।

हर कंधे की चोट में सर्जरी जरूरी नहीं

कंधे में दर्द होने का मतलब यह नहीं कि ऑपरेशन की जरूरत पड़ेगी। डॉक्टर चोट की गंभीरता, दर्द, कंधे की मूवमेंट, इमेजिंग रिपोर्ट और दूसरे इलाज से मिले परिणामों को देखकर फैसला लेते हैं। कुछ मामलों में दवा, आराम और फिजियोथेरेपी से भी काफी सुधार हो सकता है। सर्जरी का फैसला व्यक्ति की स्थिति के हिसाब से किया जाता है।

सर्जरी के बाद असली काम शुरू होता है

ऑपरेशन खत्म होने के बाद रिकवरी शुरू होती है। शुरुआत में दर्द, सूजन और हाथ को पूरी तरह घुमाने में परेशानी हो सकती है। कुछ मरीजों को डॉक्टर कुछ समय के लिए स्लिंग पहनने की सलाह भी दे सकते हैं। लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है—दर्द कम होना और कंधे का पूरी तरह मजबूत हो जाना एक ही बात नहीं है।

फिजियोथेरेपी क्यों होती है इतनी जरूरी?

सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी कंधे की सामान्य मूवमेंट और ताकत वापस लाने में मदद करती है। शुरुआत में एक्सरसाइज बहुत हल्की हो सकती हैं और समय के साथ उनकी तीव्रता बढ़ाई जाती है। किस एक्सरसाइज को कब शुरू करना है, यह सर्जरी के प्रकार और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है। खुद से इंटरनेट देखकर भारी एक्सरसाइज शुरू करना सही तरीका नहीं है।

सर्जरी के बाद रिकवरी का समय हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। जूनियर एनटीआर के मामले में भी वे दो-तीन महीने में अपना नॉर्मल रूटीन फॉलो कर पाएंगे। कंधा बाहर से ठीक दिखने लगे, इसका मतलब यह नहीं कि अंदर के टिश्यू भी पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। बहुत जल्दी शूटिंग, जिम या भारी फिजिकल एक्टिविटी से बचना ही चाहिए।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी व्यक्ति की सर्जरी, चोट या रिकवरी के बारे में व्यक्तिगत सलाह के लिए संबंधित डॉक्टर की राय ही सबसे महत्वपूर्ण होती है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

और पढ़ें
End of Article